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सरकार सच सुनना नहीं चाह रही, सच्चाई से भाग रही है: पप्पू यादव

 

पटना, 18 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि यह सरकार सच्चाई से भाग रही है। यह सरकार सच सुनना नहीं चाह रही है। एक दिन यह सरकार ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगी।

उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह सरकार आज तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे नेताओं का सामना नहीं कर पाई। मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि यह सरकार डरी और थकी हुई है। इस सरकार ने पूरे देश को थका दिया। इस देश के शासनकाल में लोकतंत्र खतरे में है। स्थिति ऐसी हो चुकी है कि गरीब और छात्र खतरे में आ चुके हैं। उनकी आवाज को दबाया जा रहा है, उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसी स्थिति में जेहन में यही सवाल आता है कि आखिर यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा? मेरा कुल मिलाकर यही कहना है कि जो सरकार मंदिर और सनातन पर हमला करने पर उतारू हो जाए, उससे आप क्या ही उम्मीद कर सकते हैं।

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इथेनॉल को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, इथेनॉल के संबंध में कैबिनेट ने फैसला लिया था। ऐसी स्थिति में यह साफ कहा जा सकता है कि यह फैसला सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की ओर से लिया गया था। इथेनॉल का फैसला कैबिनेट की ओर से लिया गया है। जाहिर सी बात है कि यह फैसला किसी मंत्री की ओर से तो नहीं लिया गया है। मंदिर की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार के कंधों पर है। कुल मिलाकर स्थिति ऐसी बन चुकी है कि आम लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे मैं समझता हूं कि किसी भा सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इसके अलावा निर्दलीय सांसद ने सोनम वांगचुक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक बच्चों और छात्रों के लिए लड़ रहे हैं। चोर और भ्रष्टाचारियों को आप बर्खास्त नहीं कर रहे हैं। इसके विपरीत आप इस देश में मानवीय पहलुओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों पर हमला कर रहे हैं। क्या यह लोकतंत्र है, लिहाजा यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि इन लोगों को सच से डर लगता है। जिस तरह से देश की स्थिति बनी हुई है, उसे देखते हुए सदन बिल्कुल भी नहीं चलने देना चाहिए।

वहीं, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आज से नहीं, बल्कि लंबे समय से छात्रों से जुड़े मुद्दों का जिक्र कर रहे हैं। इसे लेकर वो लंबे समय से पैदल यात्रा भी कर रहे हैं। रोजगार की सभी संभावनाएं समाप्त हो चुकी हैं। ऐसी स्थिति हो चुकी है कि बच्चे परीक्षा तक नहीं दे पा रहे हैं। अगर किसी एग्जाम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो इससे एक या दो नहीं, बल्कि सात करोड़ बच्चे प्रभावित होते हैं। एक साल से सात करोड़ बच्चे प्रभावित होते हैं।

साथ ही, जब उनसे मृत्युंजय तिवारी के आरजेडी छोड़ने के संबंध में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि घर परिवार में आमतौर पर कुछ लोगों में किसी बात को लेकर मतभेद पैदा हो जाते हैं। रही बात मृत्युंजय तिवारी की तो वो बहुत ही अच्छे आदमी हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने सत्ता में रहते हुए देश के विकास के लिए काम किया। देश की बुनियाद को मजबूत करने का काम किया। तमाम यूनिवर्सिटी सहित अन्य मजबूत संस्थानों को मजबूत करने का काम पूर्व की सरकारों ने किया। मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि मौजूदा सरकार की ओर से बनाए गए तमाम पुल ध्वस्त हो रहे हैं। आज की स्थिति किसी से छुपी नहीं है।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी