सपा सांसद नदवी का भाजपा पर हमला, बोले- जवानों के जज्बात कुचले, संस्थाओं की संप्रभुता खत्म की
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने 30 सितंबर को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि 2 अक्टूबर से पूरे देश में गठबंधन की पार्टियां चुनाव आयोग और वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के जरिए संस्थाओं की संप्रभुता खत्म की गई, नौजवानों और छात्रों के हितों को दफन किया जा रहा है, और मौजूदा सरकार में मजबूत लीडरशिप की कमी है।
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "इंडिया गठबंधन की 30 सितंबर को जो बैठक हुई थी, उसमें 20 पार्टियों ने हिस्सा लिया था। उसमें तय हो गया था कि 2 अक्टूबर से पूरे देश में तमाम पार्टियां जो इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, और जो वहां शामिल नहीं हो पाई थीं लेकिन मुद्दों पर साथ हैं, उन्होंने भी विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। ज्ञानेश कुमार का जिस तरह से इस्तेमाल किया गया है और संस्थाओं की जो संप्रभुता थी, जो उनका अधिकार था, उसे खत्म किया गया है, उससे लोग बहुत नाराज हैं। भारतीय जनता यानी हिंदुस्तानी आवाम के मतों को छीनने का अधिकार संविधान ने किसी को नहीं दिया है।"
उन्होंने कहा, "जो कुछ भी हो रहा है, यह हिंदुस्तानी आवाम की प्रतिक्रिया है। नौजवानों के जज्बातों को कुचला जा रहा है। छात्रों के जो हित हैं, उन्हें दफन किया जा रहा है। वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। भेदभाव की सियासत ने देश की नींव हिला दी है और जब किसी देश के समाज में आपस में विश्वास की कमी हो जाए तो समझ लीजिए कि उसके ताने-बाने हिलने लगे हैं।"
सपा सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद देश के असल मुद्दे और चुनौतियां सामने हैं। अभी छह लोगों को, जो देशद्रोह के आरोप में पकड़े गए थे और जो म्यांमार और सेवन सिस्टर्स यानी नॉर्थ-ईस्ट में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल थे, उन्हें न जाने क्यों रातों-रात छोड़ दिया गया और देश से बाहर जाने दिया गया। गलवान घाटी में जो हुआ, हिंदुस्तान के इतिहास में इससे ज्यादा हमारे देश के जवानों के मनोबल और देश के गौरव व शान को पहली बार महसूस हुआ कि मजबूत नेतृत्व की कमी है। और जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर के समय हमारे देश से युद्धविराम का ऐलान नहीं हो रहा है, बल्कि ट्रंप कर रहे हैं, यह भी कमजोरी की बात है।
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, "यह स्पष्ट है कि देश के अंदर संविधान को कमजोर करने की जो साजिश है, देश के अंदर एसआईआर के माध्यम से जिस तरह से आज ज्ञानेश कुमार ने कमजोर किया है, वोट चोरी करने में भाजपा की मदद की है, हम भाजपा से सीधे लड़ रहे हैं।"
पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी ने कहा, "भाजपा ने दिमाग नहीं लगाया। अगर दिमाग लगाते तो फेयर चुनाव की बात करते। पिछले पांच महीने में जब से यह सरकार बनी है, जब से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने हैं, वे पूरी तरह से निष्फल रहे हैं, पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। उन्हें डर सता रहा है कि चुनाव हार सकते हैं। नहीं तो पांच महीने के अंदर अगर उपचुनाव हो रहा है तो इस तरह से सरकारी मशीनरी, चुनाव आयोग और पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग नहीं होता।"
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के जो कार्यकर्ता खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं और उस पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है, यह नहीं होना चाहिए था। यह डरा हुआ, बौखलाया हुआ मुख्यमंत्री कर रहा है।
प्रकाश जोशी ने कहा कि जिस सीट से आप आते हैं, उस सीट को आप नहीं संभाल पाए। आज नंदीग्राम की जनता जवाब देना चाहती है, आज रेजीनगर की जनता, जो हुमायूं कबीर के बहकावे में आ गई थी, वह जवाब देना चाहती है। वह समझ चुकी है कि हुमायूं कबीर भाजपा का ही एक डिजाइन था, उस डिजाइन का हिस्सा था। आज वो जवाब देना चाहते हैं, तो इसी बौखलाहट में वे ये सब कर रहे हैं। लेकिन इस बार की जनता जवाब देने वाली है।
--आईएएनएस
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