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सपा को माफिया की कब्र पर आंसू बहाने की फिक्र, शिक्षकों के हितों की नहीं: सीएम योगी

 

वाराणसी, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर शिक्षा, शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सपा सरकार में शिक्षकों के पद खाली रहे, भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता था। भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है।

सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक केवल छात्र का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग का निर्माण करता है। मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को दिशा देता है और युवा राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं। शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया गया है। कोई मुद्दा शेष रह जाएगा तो सरकार उसका भी समाधान निकालेगी।

उन्होंने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दस में आठ सीटें भाजपा और दो सपा को मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव को दे दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को। उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और 'पराया धन अपना' बताते हुए सपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया।

सीएम योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह सभी जानते हैं। उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारा पैदा करने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था करने का उल्लेख किया। कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपए की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपए तक के बीमा कवर का भी उन्होंने उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है। निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार ने दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2017 तक शिक्षकों और कर्मचारियों की नई पेंशन योजना की राशि जमा नहीं की गई। खाते तक नहीं खोले गए थे। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए दस हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई। नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान भी दस से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण संकेत देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया। अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सपा प्रमुख की ओर से कोई उत्तर नहीं आया।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी