सपा-कांग्रेस गठबंधन तय, उचित समय आने पर की जाएगी आधिकारिक घोषणा: रमाशंकर राजभर
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रमाशंकर राजभर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर अपेक्षा करना गलत नहीं है, लेकिन पिछले 15 दिनों से दोनों दलों की ओर से इस संबंध में कोई बयान सामने नहीं आया है। इससे संकेत मिलता है कि गठबंधन तय हो चुका है और अब केवल इसकी आधिकारिक घोषणा बाकी है। उचित समय आने पर पार्टी के नेता इसकी घोषणा कर देंगे।
सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "अपेक्षा करना कोई गलत बात नहीं है। लेकिन आप देख रहे होंगे कि पिछले 15 दिनों से समाजवादी पार्टी या कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई बात सामने नहीं आ रही है। सबको सोचना चाहिए कि इसका मतलब यह है कि गठबंधन तय हो चुका है, बस घोषणा बाकी है। समय आने पर हमारे नेता इसकी घोषणा भी कर देंगे।"
सपा सांसद ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जाति और धर्म के आधार पर दिए जाने वाले बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह तय करने वाले ओवैसी कौन होते हैं कि अब्दुल कालीन बिछाएगा या राज करेगा।
राजभर ने सवाल किया कि यदि अब्दुल कालीन नहीं बिछाने वाला है, तो अब तक वह किसके लिए कालीन बिछाता रहा है? उन्होंने यह भी पूछा कि ऐसे बयान किसके प्रभाव में आकर दिए जा रहे हैं। नेताओं को इस बात पर विचार करना चाहिए कि जाति और धर्म पर आधारित बयानों का देश की जनता पर क्या असर पड़ता है।
डीएमके की ओर से परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन करने की खबरों पर भी रमाशंकर राजभर ने संदेह जताया। उन्होंने कहा कि परिसीमन बिल की मंशा से दक्षिण भारत को सबसे अधिक नुकसान हो सकता है। ऐसे में दक्षिण भारत की राजनीति करने वाली डीएमके इस विधेयक का समर्थन करेगी, इस पर उन्हें भरोसा नहीं है।
राजभर ने कहा कि डीएमके ने पिछली बार परिसीमन बिल का कड़ा विरोध किया था। ऐसे में इस बार उसके पक्ष में खड़े होने की संभावना पर संदेह है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह बिल लाती है, तो यह उसका तुगलकी फैसला होगा।
सपा सांसद ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 19 दिनों तक सदन चलने के बावजूद एक घंटे भी सही ढंग से कामकाज नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब आगे इस मुद्दे पर पार्टी के नेताओं के निर्देशों का इंतजार है।
राजभर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार परिसीमन बिल लेकर आती है, तो उसे आलोचना का सामना करना पड़ेगा। सरकार जनता के हित में काम नहीं कर रही है, जिससे जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
--आईएएनएस
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