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सपा अंदरूनी कलह और भ्रष्टाचार से जूझ रही, 2027 में एनडीए की वापसी तय: अरविंद राजभर

 

लखनऊ, 22 जून (आईएएनएस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि पार्टी अंदरूनी असंतोष और राजनीतिक विरोधाभासों से जूझ रही है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भ्रष्टाचार के आरोपों, मुस्लिम मुद्दों पर कथित चुप्पी और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया।

अरविंद राजभर ने कहा कि सपा शासनकाल में केवल रिवर फ्रंट घोटाला ही नहीं, बल्कि कई अन्य कथित घोटाले भी हुए, जिनकी निष्पक्ष जांच होने पर बड़े खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल की गहराई से जांच कराई जाए तो कई ऐसे मामलों का खुलासा होगा जिनमें तत्कालीन सत्ता प्रतिष्ठान के लोग भी सवालों के घेरे में आ सकते हैं।

उन्होंने रिवर फ्रंट परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में सरकारी धन के उपयोग को लेकर पहले भी सवाल उठे थे और राज्य सरकार ने जांच भी कराई थी। राजभर ने आरोप लगाया कि जांच की गति धीमी होने के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं।

राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा या वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच को लेकर सपा की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि किसी भी जांच को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में कार्रवाई करने से गलत व्यक्ति भी फंस सकता है, इसलिए जांच एजेंसियों को गंभीरता और निष्पक्षता के साथ काम करने दिया जाना चाहिए। राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद कह चुके हैं कि तय समय सीमा में जांच पूरी होगी और सभी तथ्य सामने आ जाएंगे। उनके अनुसार सरकार इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरत रही है।

सपा नेताओं द्वारा यह दावा किए जाने पर कि सुभासपा के कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, अरविंद राजभर ने इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संगठनात्मक रूप से मजबूत है और अपने स्तर पर चुनावी तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी स्वयं टिकट वितरण और संगठन विस्तार का काम कर रही है तो उसके नेताओं को किसी दूसरे दल में जाने की आवश्यकता नहीं है। राजभर ने दावा किया कि सुभासपा की जमीनी पकड़ पहले से अधिक मजबूत हुई है और 2027 के चुनाव में इसका असर दिखाई देगा।

राजभर ने दावा किया कि पिछली चुनावी लड़ाइयों में सुभासपा ने समाजवादी पार्टी को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि 2027 में तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और समाजवादी पार्टी को पुराने चुनावी परिणामों जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना था कि सपा नेतृत्व को अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि जनता अब केवल नारों के आधार पर फैसला नहीं करती।

राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था नीति का बचाव करते हुए कहा कि राज्य में अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति के कारण बड़े अपराधियों और माफिया में कानून का डर पैदा हुआ है। राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है और किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अखिलेश यादव के उस बयान पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही हैं। राजभर ने कहा कि हाल के दिनों में कांग्रेस को लेकर सपा की ओर से विरोधाभासी बयान सामने आए हैं, जिससे विपक्षी एकता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से अलग-अलग विचारधाराओं वाले दलों का गठबंधन लंबे समय तक टिक पाना आसान नहीं होता। हालांकि उन्होंने कहा कि सपा को अपनी चुनावी तैयारी करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनता का अंतिम फैसला विकास और सुशासन के आधार पर होगा।

कांग्रेस सांसद द्वारा अखिलेश यादव पर मुस्लिम मुद्दों को लेकर लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए अरविंद राजभर ने कहा कि यह सवाल लंबे समय से उठाया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम वोटों की बात तो करती है, लेकिन शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास जैसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में किसी समुदाय की चिंता करता है तो उसे केवल चुनावी समर्थन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसके वास्तविक मुद्दों पर भी आवाज उठानी चाहिए।

अरविंद राजभर ने बहुजन समाज पार्टी प्रमुख द्वारा सवर्ण समुदायों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और सभी दल नए वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब जातीय नारों से आगे बढ़कर विकास, सुरक्षा और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम किया है और इसी कारण लोगों का विश्वास गठबंधन के साथ बना हुआ है।

समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित किए जा रहे ब्राह्मण सम्मेलनों को लेकर भी राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही विभिन्न वर्गों के प्रति प्रेम दिखाना विपक्षी दलों की पुरानी रणनीति रही है। उनके अनुसार केवल सम्मेलन आयोजित करने से राजनीतिक समर्थन नहीं मिलता, बल्कि लगातार जनसंपर्क और संगठनात्मक कार्य की आवश्यकता होती है। राजभर ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 के चुनाव में विकास, कानून-व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर मतदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में एनडीए गठबंधन एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा।

--आईएएनएस

पीएसके/वीसी