संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने न्यूयॉर्क के लिए भरी उड़ान, कल असेंबली को करेंगे संबोधित
तेहरान, 22 सितंबर (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के हाई-लेवल के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए तेहरान से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुए। राष्ट्रपति मंगलवार सुबह स्थानीय समयानुसार तेहरान से रवाना हुए। इस बैठक में दुनिया भर के नेता वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और उन पर अपने-अपने देशों का रुख सामने रखेंगे।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन को विदा करने के लिए उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ, उनकी सरकार के कई अन्य सदस्य और ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के डिप्टी चेयरमैन हुज्जतोलेस्लाम मोहसिन कोमी एयरपोर्ट पहुंचे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान पेजेश्कियन से ईरान का आधिकारिक रुख सामने रखने की उम्मीद है। इसके अलावा वह यूएनजीए के दौरान अलग-अलग देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
आईआरएनए के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा के अलावा राष्ट्रपति पेजेश्कियन का अमेरिका में रहने वाले ईरानी समुदाय के लोगों के साथ-साथ अमेरिकी क्षेत्र के प्रमुख लोगों, विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों से मिलने का भी कार्यक्रम है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र मंगलवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू हो रहा है। इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा की थीम है- "भरोसा फिर से कायम करना, बदलाव को संभालना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे।"
ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के एक प्रवक्ता का हवाला देते हुए यह खबर दी और कहा कि पेजेश्कियन बुधवार को संयुक्त राष्ट्र आम सभा को संबोधित करेंगे। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि पेजेश्कियन की इस यात्रा से पहले ही अमेरिकी सरकार ने एक और 'विरोधी कदम' उठाते हुए राष्ट्रपति पेजेश्कियन के प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों को वीजा देने से इनकार कर दिया है।
ईरान की मीडिया ने सोमवार को बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक के 81वें सत्र में शामिल हो रहे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की कम्युनिकेशन टीम को अमेरिका ने वीजा देने से इनकार कर दिया है।
पेजेश्कियन के इस अमेरिकी दौरे पर सबकी खास नजर है, क्योंकि पिछले छह महीने से ज्यादा समय से दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में लंबे समय से जारी इस जंग का कोई समाधान निकल सके।
--आईएएनएस
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