×

'संकट के वक्त हिंदू-मुस्लिम की बात ठीक नहीं', भोजशाला फैसले पर दिग्विजय सिंह का बयान

 

इंदौर, 15 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर को लेकर हाई कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले का अध्ययन किया जाएगा। इससे जुड़े कई समान मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।

दिग्विजय सिंह ने कहा, ''वाराणसी के ज्ञानवापी मामले, संभल मस्जिद मामले और मथुरा-वृंदावन मामले समेत तीन समान मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं और उन पर रोक लगी हुई है। भोजशाला मामले में जो फैसला आया है, उसका अध्ययन किया जाएगा।''

उन्होंने कहा कि भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित स्मारक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एएसआई की रिपोर्ट में किसी भी मूर्ति का उल्लेख नहीं किया गया है, जो चिंता का विषय है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ''जब देश में आर्थिक और सामाजिक तनाव का माहौल है, ऐसे समय में हिंदू-मुस्लिम विवाद को फिर से उठाना उचित नहीं है।''

बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में भोजशाला परिसर को मंदिर मानते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।

वहीं, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा भोजशाला परिसर को लेकर दिए गए फैसले के बाद हिंदू पक्ष ने तेजी से कानूनी तैयारी शुरू कर दी है।

शुक्रवार को हिंदू पक्ष की ओर से जितेंद्र सिंह विषेन ने अपने वकील एडवोकेट बरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की। इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर होने वाली किसी भी संभावित अपील पर हिंदू पक्ष को सुने बिना, कोई एकतरफा आदेश पारित न किया जाए।

वहीं, मुस्लिम पक्ष ने भी हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम