संजय राउत का बड़ा बयान, कहा- मराठी मानुष को भाजपा से सबसे बड़ा खतरा
मुंबई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। 15 जनवरी को राज्य के 29 नगर निगमों में होने वाले मतदान से पहले सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत से मैदान में उतर चुके हैं। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के एक बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
मंगलवार को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने फर्जी और डुप्लीकेट मतदाताओं का मुद्दा उठाते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) ने ऐसे मतदाताओं पर नजर रखने के लिए करीब 5,000 लोगों की एक टीम तैयार की है।
संजय राउत ने कहा कि जहां भी फर्जी मतदाता दिखाई देंगे, वहां से उन्हें सूचना मिलेगी और पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचेंगे। शिवसेना और मनसे की टीमें हर जगह मौजूद हैं और वे फर्जी मतदान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि फर्जी मतदान गैरकानूनी है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश का हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट पर पैसे बांटने का आरोप भी लगाया।
राउत ने कहा कि जहां शिंदे गुट के लोग पैसे बांट रहे हैं, वहां भाजपा के लोग उनसे निपट रहे हैं, और जहां भाजपा के लोग पैसे बांट रहे हैं, वहां शिंदे गुट के लोग कार्रवाई कर रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस समस्या से निपटने की जिम्मेदारी उन्होंने उन्हीं पर छोड़ दी है और मानो यह काम “आउटसोर्स” कर दिया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत भाजपा नेता के. अन्नामलाई के एक बयान पर भी नाराज नजर आए। अन्नामलाई द्वारा मुंबई को 'बॉम्बे' कहे जाने पर राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि अगर अन्नामलाई को मुंबई को बॉम्बे कहना है, तो उन्हें तमिलनाडु वापस चले जाना चाहिए। राउत ने सवाल उठाया कि अन्नामलाई कौन हैं और उन्हें तो तमिलनाडु में भी शायद ही कोई जानता हो।
इसके अलावा संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि शिवसेना की स्थापना को 60 साल हो चुके हैं और इतने ही वर्षों से यह मुद्दा पूरे महाराष्ट्र में चलता आ रहा है। राउत ने आरोप लगाया कि देवेंद्र फडणवीस, हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे को चुनौती दे रहे हैं। अगर मराठी मानुष को कोई सबसे बड़ा खतरा है, तो वह भाजपा से है और यह लड़ाई सीधे तौर पर शिवसेना और भाजपा के बीच है।
--आईएएनएस
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