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संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी को लेकर किया दावा, कहा- टूटेगा '27' में '37' का घमंड

 

लखनऊ, 21 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नियुक्ति, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान, भारत-बांग्लादेश संबंध और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी समेत कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी।

संजय निषाद ने नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जहां एक आम व्यक्ति और साधारण कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की सच्ची ताकत बताया और कहा कि यह पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की मजबूती को दर्शाता है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच संगम घाट पर हुई तनातनी पर बोलते हुए संजय निषाद ने कहा कि साधु-संत सांसारिक सुख-सुविधाओं से जुड़े नहीं होते और उन्हें ऐसा होना भी नहीं चाहिए। साधु कभी पालकी में चलते हैं तो कभी पैदल, यह अलग बात है। समाज उनके तप और त्याग के मार्ग पर चलकर आगे बढ़ता है, इसलिए उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा मानवता की सेवा में लगा रहा है। जबकि, कांग्रेस देश को बांटने की राजनीति करती है। अगर कांग्रेस को आरएसएस से समस्या है, तो उसे अपने लिए कोई और जगह तलाशनी चाहिए।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर संजय निषाद ने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से अच्छे रिश्ते रहे हैं, लेकिन जब किसी देश में 'गलत शासक' सत्ता में आता है, तो मित्र भी दुश्मन नजर आने लगते हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि बांग्लादेश के निर्माण में भारत की बड़ी भूमिका रही है, इसके बावजूद वहां भारत के प्रति विरोध और कट्टरपंथी, हिंदू-विरोधी सोच दिखाई दे रही है, जो स्वीकार्य नहीं है। भारत इस मुद्दे पर सोच-समझकर और गंभीरता से फैसला करेगा।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि 2027 में भी अखिलेश यादव को '37 से हार' का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि '27' में '37' का घमंड टूटेगा। समाजवादी पार्टी भ्रम फैलाने वाली और मुद्दाविहीन पार्टी है।

बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 37 सीटें जीती थीं।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम