समुद्री सुरक्षा, शांति और स्थिरता को लेकर भारत-वियतनाम के बीच अहम वार्ता
नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और वियतनाम ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री संबंधों को और गहरा करने पर भी सहमति जताई। 13 सितंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यह वार्ता हुई। भारत के रक्षा सचिव व वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उपमंत्री के बीच नई दिल्ली में यह महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर भारत और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उपमंत्री वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल गुयेन त्रुओंग थांग से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करने तथा व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में संयुक्त पहलों को तेजी से आगे बढ़ाने, तकनीक साझा करने और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों ने माना कि मजबूत समुद्री और रक्षा सहयोग क्षेत्र में शांतिपूर्ण, स्थिर और नियम आधारित सुरक्षा व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत और वियतनाम ने बहुपक्षीय मंचों पर भी आपसी समन्वय बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। खास तौर पर आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस व्यवस्था के तहत सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। दोनों देशों ने आसियान के नेतृत्व वाले तंत्र के माध्यम से व्यावहारिक रक्षा सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में एक्सपर्ट वर्किंग ग्रुप जैसे सहयोगी मंच के महत्व को रेखांकित किया गया। ये मंच क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने अगली रक्षा नीति वार्ता भारत में आयोजित करने पर भी सहमति जताई है। यह वार्ता एयरो इंडिया 2027 के दौरान बेंगलुरु में आयोजित होगी।
गौरतलब है कि यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा तय की गई रणनीतिक दिशा को आगे बढ़ाने की एक कड़ी के रूप में देखी जा रही है। इससे भारत और वियतनाम के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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