समुद्री खोज एवं बचाव, प्रदूषण, समुद्री कानून पर मिलकर काम करेंगे भारत और वियतनाम
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और वियतनाम के तटरक्षक बलों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूती देने दिशा में एक अहम बैठक हुई है। बैठक में समुद्री क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें समुद्री खोज एवं बचाव, समुद्री कानूनों का प्रवर्तन, समुद्री प्रदूषण से निपटना और क्षमता निर्माण प्रमुख रहे।
वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने अब तक चल रहे द्विपक्षीय सहयोग की भी समीक्षा की। इसमें अधिकारियों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान, जहाजों की यात्राएं और प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। दोनों तटरक्षक बलों ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित संपर्क से आपसी समझ और भरोसा और मजबूत होगा।
बैठक में नियमित संस्थागत बातचीत को जारी रखने पर भी सहमति बनी। दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, पेशेवर आदान-प्रदान और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने को महत्वपूर्ण बताया।
दरअसल, दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच यह 7वीं उच्चस्तरीय बैठक है जो भारत में आयोजित की गई। यह बैठक 2015 में हुए तटरक्षक सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन के तहत हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि और वियतनाम तटरक्षक बल के उप कमांडेंट मेजर जनरल लुओंग दिन्ह हंग ने की।
वार्ता के दौरान जहाजों की पारस्परिक यात्राओं को भी समुद्री सहयोग बढ़ाने का प्रभावी माध्यम माना गया। इससे दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच समन्वय और परिचालन सहयोग को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि भारत और वियतनाम के तटरक्षक बलों के बीच जारी सहयोग के तहत भारत-वियतनाम तटरक्षक संयुक्त अभ्यास ‘सहयोग-हॉपटैक’ 27 अगस्त को समुद्र में आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास दोनों देशों के तटरक्षक बलों के लिए अपनी परिचालन क्षमताओं को परखने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
अभ्यास के दौरान दोनों पक्ष समुद्री अभियानों में बेहतर समन्वय और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली से सीखने पर ध्यान देंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और वियतनाम ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, समुद्री संरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों देशों ने माना कि समुद्री क्षेत्र में बढ़ता सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षित और स्थिर समुद्री वातावरण बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
--आईएएनएस
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