संभल की शाही जामा मस्जिद का मुख्य द्वार जर्जर, कमेटी ने एएसआई से लगाई मरम्मत की गुहार
संभल, 22 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद की प्रबंधन कमेटी ने मस्जिद की जर्जर हो चुकी दीवार और मुख्य प्रवेश द्वार की तत्काल मरम्मत कराने की मांग उठाई है। कमेटी का कहना है कि मस्जिद का मुख्य गेट बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है और किसी भी समय गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
कमेटी ने इस संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
शाही जामा मस्जिद कमेटी के प्रमुख जफर अली ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि 16 मई को मेरठ स्थित पुरातत्व विभाग के कार्यालय को रजिस्ट्री के माध्यम से एक पत्र भेजा गया था। इस पत्र में मस्जिद के मुख्य द्वार की खस्ताहाल स्थिति की जानकारी देते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्य द्वार पूरी तरह जर्जर हो चुका है और उसके गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जफर अली ने यह भी बताया कि मस्जिद से सटी एक दीवार को बंदरों ने पहले ही क्षतिग्रस्त कर गिरा दिया है। ऐसे में मस्जिद परिसर की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने मांग की कि गिरी हुई दीवार और मुख्य द्वार दोनों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
कमेटी प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि शाही जामा मस्जिद एएसआई के अधीन संरक्षित स्मारक है, इसलिए इसकी देखरेख और मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग की है।
उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी ने समय रहते विभाग को चेतावनी दे दी है, लेकिन अब तक कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में कोई हादसा होता है और जानमाल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एएसआई की होगी।
--आईएएनएस
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