×

समावेशी शिक्षा, विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए बनाया जाएगा रोडमैप

 

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। बच्चों में सीखने की रफ्तार अलग हो सकती है। किसी को सहारे की जरूरत हो सकती है तो किसी को पढ़ाई के साथ उपचारात्मक मदद की आवश्यकता होती है। बावजूद इसके शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का है। इसी सोच के साथ पश्चिम बंगाल में विशेष जरूरत वाले बच्चों की समावेशी शिक्षा को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी इसके लिए विशेष पहल की है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने समावेशी शिक्षा को लेकर तीन दिवसीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की है। इसमें राज्य की मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति और रोडमैप तैयार करने पर चर्चा हुई। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम ने भी इस कार्यशाला में हिस्सा लेकर मार्गदर्शन दिया। साथ ही केंद्र की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनाई जा रही बेहतर कार्यप्रणालियों को भी साझा किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम ने पश्चिम बंगाल के एक संसाधन केंद्र का दौरा किया। यहां उन्होंने विशेष जरूरत वाले बच्चों तथा विशेष शिक्षकों से बातचीत की। यहां बच्चों को केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उनकी जरूरत के मुताबिक शैक्षणिक और उपचारात्मक सहायता, सहायक उपकरण, कौशल शिक्षा तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इन पहलों का मकसद बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार सीखने का अवसर देना और उन्हें आगे बढ़ाना है।

शिक्षाविदों के अनुसार समावेशी शिक्षा की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें बच्चे की कमी पर नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और जरूरत पर ध्यान दिया जाता है। विशेष जरूरत वाले बच्चों को ऐसा वातावरण देने की कोशिश की जा रही है, जहां वे दूसरे बच्चों के साथ सीख सकें, अपनी प्रतिभा विकसित कर सकें और समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बन सकें।

कार्यशाला में तैयार होने वाला रोडमैप पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थानीय परिस्थितियों व क्षमता को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। यानी राज्य में पहले से चल रहे संबंधित कामों को आगे बढ़ाने के साथ उन क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जहां समावेशी शिक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम ने कार्यशाला में मार्गदर्शन देने के साथ-साथ अलग-अलग अनुभवों और सफल प्रयोगों को साझा करने में भी मदद की। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए ये प्रयास समग्र शिक्षा के तहत किए जा रहे हैं। शैक्षणिक मदद से लेकर सहायक उपकरण और कौशल शिक्षा तक, कोशिश यह है कि कोई भी बच्चा केवल अपनी विशेष जरूरतों के कारण सीखने के अवसर से पीछे न रह जाए।

पश्चिम बंगाल की यह पहल ‘शिक्षा सभी के लिए’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसका लक्ष्य है कि हर बच्चे को उसकी जरूरत के मुताबिक मदद व सीखने का मौका मिले और वह अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी