बरेली में बिजली कटौती पर सपा का हल्लाबोल, ‘हम चिकना घड़ा हैं’ लिखे घड़ों के साथ किया प्रदर्शन
भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर उत्तर प्रदेश के बरेली में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। शहर में बढ़ती बिजली समस्या के खिलाफ सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन करते हुए ‘हम चिकना घड़ा हैं’ लिखे घड़ों के साथ बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिला उपाध्यक्ष Syed Haider Ali ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद शहर में लगातार बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम जनता परेशान है। उनका कहना था कि लोग घंटों बिजली न होने से गर्मी में बेहाल हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे।
सैयद हैदर अली ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी जनता के फोन तक नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि जब लोग अपनी समस्या लेकर अधिकारियों को कॉल करते हैं तो कोई जवाब नहीं मिलता। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और सरकार व विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि गर्मी के इस मौसम में बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने घड़ों पर ‘हम चिकना घड़ा हैं’ लिखकर बिजली विभाग पर तंज कसा। उनका कहना था कि बार-बार शिकायतों के बावजूद विभाग पर कोई असर नहीं पड़ रहा और अधिकारी जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
वहीं मामले को बढ़ता देख बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनका ज्ञापन स्वीकार किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि जो कर्मचारी या अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में अचानक इजाफा हुआ है, जिससे कुछ इलाकों में तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। हालांकि विभाग लगातार स्थिति सुधारने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल बरेली में बिजली कटौती को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। गर्मी के बीच लगातार हो रहे पावर कट ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है, जबकि विपक्षी दल इसे बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने में जुटे हैं।