'लोगों को बिजली नहीं मिल रही, फिर भी बढ़ा दिया सरचार्ज', विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा
लखनऊ, 30 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ी हुई दरों को लेकर उपभोक्ताओं की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बिजली पर लगाए गए 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार (सरचार्ज) को पूरी तरह गलत बताते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
उन्होंने आईएएनएस से कहा कि एक तरफ प्रदेश के लोग भीषण गर्मी में पसीना बहा रहे हैं और उन्हें पर्याप्त बिजली भी नहीं मिल रही, वहीं दूसरी ओर उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को पहले स्मार्ट मीटर की समस्याओं का सामना करना पड़ा और अब लगातार हो रही बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। ऐसे समय में बिजली दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लोगों की मुश्किलें और बढ़ा देगी। सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और उपभोक्ताओं को राहत दिलानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि सोमवार को विद्युत नियामक आयोग में इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की जाएगी। उनका आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन ने गलत आधार पर यह निर्णय लिया है। विद्युत नियामक आयोग ने मार्च 2026 के लिए बिजली खरीद लागत 4.94 रुपए प्रति यूनिट स्वीकृत की थी, जबकि पावर कॉरपोरेशन का दावा है कि बिजली खरीद की वास्तविक लागत 5.86 रुपए प्रति यूनिट पड़ी। इसी अंतर को आधार बनाकर प्रदेश के उपभोक्ताओं से करीब 1,610 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली 10 प्रतिशत सरचार्ज के रूप में की जा रही है।
हालांकि उन्होंने दावा किया कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का पहले से ही लगभग 51 हजार करोड़ रुपए का सरप्लस निकलता है। ऐसे में आम जनता पर नया आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह अनुचित है।
अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आने वाले दिनों में बिजली संकट और गहरा सकता है, क्योंकि बिजली उत्पादन की स्थिति अभी संतोषजनक नहीं है। उपभोक्ता परिषद प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रदेश में करीब 3 करोड़ 73 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। चुनावी माहौल में जनता की परेशानियों को नजरअंदाज करना किसी भी सरकार के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अवधेश कुमार वर्मा ने सरकार से समय रहते सचेत होकर उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश सिंह राजपूत कहते हैं, "हाल ही में, मुख्यमंत्री जी के आशीर्वाद से राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, हमने तुरंत अपने गृह जिले कन्नौज, पड़ोसी जिले फर्रुखाबाद और अन्य स्थानों पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की। समीक्षा बैठक संपन्न हुई, और जिन कमियों की पहचान की गई, उन्हें दूर किया गया। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए कि भीषण गर्मी के दौरान उपभोक्ताओं और आम जनता को राहत और लाभ मिल सके।"
उन्होंने कहा कि उन्हें जून से बिजली के बिलों में प्रस्तावित 10 प्रतिशत बढ़ोतरी से जुड़ी रिपोर्टों के बारे में जानकारी नहीं थी।
--आईएएनएस
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