साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, जांच तेज, फॉरेंसिक टीम आश्रम में
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम के साथ पाल रोड स्थित आश्रम पहुंची और साक्ष्यों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने साध्वी के लिए खाना बनाने वाले सेवादार सुरेश को भी आश्रम लेकर गई। सुरेश से पूछताछ में साध्वी के आखिरी समय और उनके स्वास्थ्य, आहार तथा आश्रम में रह रहे अन्य लोगों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के साथ ही साध्वी के पिता वीरम नाथ भी आश्रम में मौजूद रहे और उन्होंने अधिकारियों के साथ सहयोग किया।
जोधपुर पुलिस का कहना है कि मामले की सटीक जांच और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। आश्रम के कमरों, किचन और साध्वी के रहने वाले स्थानों से फिंगरप्रिंट, अन्य शारीरिक सबूत और खाने-पीने की चीजों की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों और आश्रम के अनुयायियों के बीच साध्वी की मौत को लेकर संदेह और चिंता फैली हुई है। पुलिस ने मामले की गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर नियंत्रण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में फॉरेंसिक जांच बहुत अहम होती है। इससे सटीक कारण मौत का पता चलाने में मदद मिलती है और जांच में वास्तविक साक्ष्य जुटाए जा सकते हैं।
जोधपुर पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि साध्वी की मौत स्वाभाविक थी या इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका हो सकती है। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
कुल मिलाकर, साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की सक्रियता और फॉरेंसिक टीम की जांच इस बात को दर्शाती है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। ग्रामीण और शहर के लोगों की निगाहें अब पुलिस की आगामी रिपोर्ट और जांच पर टिकी हैं।