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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत: जोधपुर पुलिस की जांच तीन मुख्य संदिग्धों पर केंद्रित

 

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की जांच अब तीन ऐसे प्रमुख व्यक्तियों के इर्द-गिर्द घूम रही है, जिनकी मौजूदगी, भूमिका और बयानों ने इस घटनाक्रम में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

जोधपुर पुलिस ने बताया कि ये तीनों व्यक्ति मामले की प्राथमिक जांच में महत्वपूर्ण हैं। उनकी मौजूदगी आश्रम में साध्वी के अंतिम समय में दर्ज की गई थी और उनके बयान पुलिस के लिए कई पहलुओं को स्पष्ट करने में अहम साबित हो सकते हैं।

पुलिस ने इन तीनों से अलग-अलग पूछताछ की है और इसके बाद उन्हें आमने-सामने बैठाकर भी बयान दर्ज कराए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य है कि सभी बयानों का आपसी मिलान किया जाए और किसी भी प्रकार की विसंगति को पकड़ा जा सके।

जोधपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जांच में फॉरेंसिक और डिजिटल सबूत भी एकत्र किए जा रहे हैं। आश्रम में साध्वी के लिए खाना बनाने वाले और आश्रम के अन्य कर्मचारियों के बयान भी इस मामले में अहम हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में साक्ष्य का मिलान और व्यक्ति विशेष के बयान जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इससे पुलिस यह समझ सकती है कि घटना स्वाभाविक थी या इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका थी।

स्थानीय लोगों और आश्रम के अनुयायियों ने साध्वी की मौत को लेकर संदेह और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाए।

जोधपुर पुलिस ने कहा कि तीनों व्यक्तियों के बयान मिलान होने के बाद अगले कदमों की रणनीति तय की जाएगी। अधिकारियों का यह भी कहना है कि मामले के सभी पहलुओं, चाहे वह मानसिक, शारीरिक या आहार संबंधी हों, उन्हें गहनता से परखा जाएगा।

कुल मिलाकर, साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की जांच अब तीन मुख्य किरदारों और उनके बयानों के इर्द-गिर्द केंद्रित है। पुलिस की सक्रियता, फॉरेंसिक जांच और बयानों का मिलान यह तय करेगा कि यह मामला वास्तव में स्वाभाविक मौत है या किसी तीसरे पक्ष की भूमिका है। स्थानीय समुदाय की निगाहें अब पुलिस की आगामी रिपोर्ट और निष्कर्ष पर टिकी हैं।