साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में बड़ा मोड़, एफएसएल रिपोर्ट में जहर की बात से इनकार
जयपुर, 13 फरवरी (आईएएनएस)। साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत के मामले में एक अहम अपडेट सामने आया है। राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) ने पुलिस को अपनी विसरा जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी मौत जहर या किसी जहरीले पदार्थ से नहीं हुई।
गुरुवार देर रात आई इस रिपोर्ट के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। पहले जहर देने या किसी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार, एफएसएल की जांच में साध्वी प्रेम बाईसा के शरीर में किसी भी तरह के जहर या टॉक्सिक पदार्थ के अंश नहीं पाए गए। इससे जबरन जहर देने की आशंका खारिज हो गई है।
हालांकि, मौत की असली वजह का पता मेडिकल बोर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। जांच अधिकारियों के मुताबिक, साध्वी प्रेम बाईसा को अस्थमा था। 28 जनवरी को सर्दी लगने के बाद उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत होने लगी थी।
तब उन्होंने मेल नर्स देवी सिंह को बुलाया, जिसने उन्हें डेक्सोना और डायनापार के इंजेक्शन लगाए। अब डॉक्टर यह जांच करेंगे कि उनकी मौत इन दवाओं के कारण हुई या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की वजह से।
साध्वी प्रेम बाईसा 28 जनवरी को बोरानाडा थाना क्षेत्र के पाल गांव स्थित आरती नगर आश्रम में बीमार पड़ गई थीं। इसके बाद उन्हें पाल रोड के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता बिरमनाथ की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। 29 जनवरी को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया। विसरा सैंपल 2 फरवरी को एफएसएल भेजे गए थे और फोरेंसिक जांच 11 दिन में पूरी कर ली गई।
जांच के दौरान कंपाउंडर देवी सिंह ने बताया कि उन्होंने इंजेक्शन एक निजी अस्पताल के डॉक्टर की पर्ची के आधार पर लगाए थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इंजेक्शन किसने लगाए और क्या इलाज के दौरान सही मेडिकल नियमों का पालन किया गया था।
हालांकि एफएसएल की रिपोर्ट में जहर से मौत की बात को नकार दिया गया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। मेडिकल इलाज, आश्रम की स्थिति और गवाहों के बयान सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
--आईएएनएस
वीसी/