सड़क पर नमाज पर रोक के साथ सभी धर्मों के आयोजनों पर समान नियम लागू होंः हुसैन दलवई
मुंबई, 2 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने उत्तर प्रदेश में मुठभेड़, मुख्यमंत्री योगी के बयान, वंदे मातरम विवाद, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की मुलाकात सहित अन्य मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने से रोक के साथ सभी धर्मों के आयोजनों पर समान नियम लागू होना चाहिए।
भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा सड़क पर नमाज न अदा करने की मांग पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, "मैं मानता हूं कि हमारे समाज को लोग सड़क पर नमाज पढ़ते हैं, हालांकि मैं कहता रहता हूं कि बारी-बारी से मस्जिद में नमाज पढ़नी चाहिए, लेकिन किरीट सोमैया से पूछना चाहता हूं कि कौन सा धर्म रास्ते पर नहीं है। गणपति महोत्सव से लेकर नवरात्रि उत्सव सड़कों पर मनाया जाता है। शादियां भी सड़कों पर होती हैं और जब किसी का निधन होता है तो अंतिम संस्कार की यात्राएं भी सार्वजनिक सड़कों से होकर गुजरती हैं। अन्य देशों में ऐसा नहीं होता है। हमारे देश में जगह कम होने के कारण लोग सड़कों पर उत्सव मनाते हैं। ऐसे में सभी धर्मों के लोगों पर एक समान नियम लागू होना चाहिए।"
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की मुलाकातें बढ़ने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, "भविष्य में दोनों पार्टियों में गठबंधन हो सकता है, क्योंकि दोनों शिवाजी का नाम लेकर राजनीति करती हैं और पार्टी का नाम शिवसेना है। बाबा साहब के दोनों समर्थक हैं, तो दोनों एक साथ आ सकते हैं। भाजपा एकनाथ शिंदे की पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है, ऐसे में वह उद्धव ठाकरे के साथ जा सकते हैं।"
वंदे मातरम विवाद पर दलवई ने कहा, "पहली की दो लाइनों में देश के बारे में वर्णन है, जिसे हम गाते हैं। ब्रिटिश शासनकाल में आजादी के मतवाले वंदे मारतम बोल कर जेल जाते थे। उस वक्त भाजपा वाले कहां थे।"
गाजियाबाद मुठभेड़ पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, मुठभेड़ का मतलब है कि पुलिस कानून को अपने हाथ में ले रही है और कानून तोड़ रही है। यह गलत है। अगर किसी ने कुछ गलत किया है, तो अदालत को सजा तय करनी चाहिए। अगर धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है, तो यह कहा जा रहा है कि अगर कोई मुसलमान है, तो उसका एनकाउंटर कर देना चाहिए। ऐसा होता भी है। मेरा मानना है कि अपराधी को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए और अदालत के फैसले के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गायों पर टिप्पणी पर कांग्रेस नेता ने कहा, "इसे राष्ट्रीय पशु कहने के बाद अब इसे 'मां' कहा जा रहा है। भले ही मुसलमान पीछे हट जाएं, फिर भी उन्हें और आगे धकेलने की कोशिश जारी है। आप गाय को मां कह सकते हैं, हम इसे इस देश का महत्वपूर्ण पशु, राष्ट्रीय पशु कहते हैं, इसमें क्या गलत है? जिन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु कहा है, उन्होंने सही कहा है। मुसलमान समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अन्य मुद्दे अभी भी उठाए जा रहे हैं।"
--आईएएनएस
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