सबसे बड़ी चुनौती कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि मैं खुद हूं: चेन यू फी
नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट शटलर चेन यू फी ने दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई है, लेकिन एक खिताब अभी भी उनसे दूर है। यह चीनी स्टार बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड की तलाश में लौट रही हैं। चेन यू फी का मानना है कि सबसे बड़ी चुनौती कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि वह खुद हैं।
नई दिल्ली का इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम 17-23 अगस्त के बीच बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है, जिसकी शुरुआत से पहले चेन ने पत्रकारों से कहा, "सबसे बड़ी रुकावट मैं खुद हूं। अगर मैं खुद पर काबू पा लूं, तो सब ठीक हो जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि चेन यू फी पिछले साल चेन वर्ल्ड टाइटल के बहुत करीब पहुंच गई थीं; वह पेरिस में फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन जापान की अकाने यामागुची से हार का सामना करना पड़ा। यामागुची ने उन्हें चाइना ओपन के फाइनल में भी हराया था, जबकि 2026 सीजन में वह थाईलैंड ओपन और मलेशिया मास्टर्स के फाइनल में और सिंगापुर और इंडोनेशिया ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची हैं।
लेकिन चेन इन मौकों को चूकने या बड़े खिताबों का अपना कलेक्शन पूरा करने के विचार को अतिरिक्त दबाव का कारण नहीं बनने देना चाहतीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या बीते साल इतने करीब पहुंचने के बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतना अब उनका निजी लक्ष्य है, तो उन्होंने कहा, "आपको बस भरोसा रखना चाहिए और बाकी किसी चीज की परवाह नहीं करनी चाहिए। बस इतना ही काफी है।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या चीनी खिलाड़ियों पर विमेंस सिंगल्स का वर्ल्ड टाइटल वापस जीतने का दबाव है (जिसे 2011 के बाद से किसी चीनी शटलर ने नहीं जीता है), तो चेन ने कहा, "ऐसा कोई दबाव नहीं है; मुझे बस अच्छा खेलना है।"
वर्ल्ड चैंपियनशिप के हालिया अनुभव को देखते हुए उनका नजरिया खास तौर पर उल्लेखनीय है। पिछले साल पेरिस में, चेन ने सेमीफाइनल में तत्कालीन वर्ल्ड नंबर 1 एन से यंग का कड़ा मुकाबला किया था, लेकिन फाइनल में यामागुची से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में उन्हें टखने में चोट भी लगी थी, जिसने फाइनल में उनके खेल को प्रभावित किया।
इस बार, चेन आगामी मुकाबलों के अलावा किसी और चीज के बारे में नहीं सोचना चाहतीं। जब उनसे एन से यंग के साथ पुरानी प्रतिद्वंद्विता के बारे में पूछा गया तो चेन ने भविष्य में होने वाले किसी संभावित मुकाबले के बारे में सोचने के विचार को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इस बार मेरा उनसे सामना होगा। इसलिए मुझे लगता है कि मैं हर मैच में अपना बेस्ट दूंगी और जीतने की कोशिश करूंगी। यह हमारे अपने बारे में है, कि हम इवेंट के लिए कैसे तैयारी करते हैं, न कि किसी खास खिलाड़ी के बारे में।"
यह फोकस इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि चेन ने माना कि चैंपियनशिप के लिए उनकी तैयारी वैसी नहीं हो पाई जैसी होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वह बहुत व्यस्त थीं और पिछले हफ्ते उन्होंने टूर्नामेंट के लिए खास तैयारी करने के बजाय ज्यादातर आराम किया। वह पूरी तरह फिट नहीं हैं। चेन ने कहा, "यह पिछले मैच से बेहतर है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह शत प्रतिशत है।"
इस चीनी स्टार ने यह भी माना कि नई दिल्ली में खेलने के हालात आरामदायक नहीं हैं, हालांकि उन्हें लगता है कि हालात इंडिया ओपन के मुकाबले काफी बेहतर हैं, जब हालात और हवा के बहाव (ड्रिफ्ट) पर काफी चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा, “तो उन विवादों के बारे में कहूं तो, अब हालात काफी बेहतर हैं। बस मौसम आरामदायक नहीं है।”
चेन की ये बातें एक और मुश्किल सीजन के बाद आई हैं, जिसमें वह लगातार टूर्नामेंट में आगे तक पहुंची हैं। जुलाई में उन्होंने चीन ओपन के दूसरे राउंड के एक लंबे मुकाबले में पीवी सिंधु को हराया था; एक गेम हारने के बाद वापसी करते हुए उन्होंने एक घंटे 29 मिनट में 16-21, 22-20, 21-18 से जीत हासिल की थी।
विरोधियों, हालात और वर्ल्ड चैंपियनशिप का टाइटल न जीत पाने के दबाव के बारे में तमाम बातों के बावजूद, चेन बार-बार उसी बात पर लौटती हैं: लड़ाई को अंदर से ही कंट्रोल करना होगा। वह टाइटल के बारे में नहीं सोचना चाहतीं। वह खास विरोधियों के बारे में नहीं सोचना चाहतीं। वह बिल्कुल नहीं चाहतीं कि अतीत यह तय करे कि नई दिल्ली में क्या होगा। चेन ने कहा, "सबसे बड़ी रुकावट मैं खुद हूं। अगर मैं खुद पर काबू पा लूं, तो सब ठीक हो जाएगा।"
--आईएएनएस
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