×

सब कुछ उस प्रक्रिया पर निर्भर करता है, जिसे मैं हर सीरीज से पहले अपनाता हूं: अभिषेक शर्मा

 

नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मैच तूफानी शतक लगाया। अभिषेक ने सिर्फ 34 गेंदों में 108 रन कूटे। 26 वर्षीय बल्लेबाज का मानना है कि टॉप ऑर्डर में उनकी जबरदस्त फॉर्म, गेंदबाजों के हिसाब से की गई बारीकी से तैयारी का नतीजा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि एक या दो खराब सीरीज से टीम की आक्रामक बल्लेबाजी शैली में कोई बदलाव नहीं आएगा।

अभिषेक ने गुरुवार को 30 गेंदों में शतक पूरा किया, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज टी20 अर्धशतक और 'फुल मेंबर' देश के बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड है, उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ 3-0 से सीरीज जीतने (जिसमें 127 रनों की बड़ी जीत भी शामिल थी) में 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दोनों चुना गया।

मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अभिषेक ने कहा, "सब कुछ उस प्रक्रिया पर निर्भर करता है जिसे मैं हर सीरीज से पहले अपनाता हूं। मेरे लिए यह बहुत जरूरी है कि मैं किसके खिलाफ खेलने जा रहा हूं और कौन-से गेंदबाज होंगे। इसलिए, एक बल्लेबाज के तौर पर मेरे लिए हमेशा प्रक्रिया ही अहम रही है। मैं पावरप्ले का इस्तेमाल कैसे करूंगा, पावरप्ले में मुझे कौन गेंदबाजी करेगा, और फिर सातवें या आठवें ओवर में क्या होगा? ये चीजें मेरे लिए बहुत खास होती हैं।"

कभी-कभी मिलने वाली हार या खराब प्रदर्शन की चिंताओं को दरकिनार करते हुए, अभिषेक ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों में विरोधियों पर हावी होने के अपने लंबे समय के लक्ष्य को लेकर एकजुट है।

उन्होंने कहा, "हम बीते 2 वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। एक या दो खराब सीरीज से बैटिंग यूनिट के तौर पर हमारी पहचान तय नहीं होगी, क्योंकि हम वर्ल्ड कप से पहले पूरे साल दबदबा बनाए रखना चाहते थे, चाहे हम किसी के भी खिलाफ खेल रहे हों, लेकिन मुझे लगता है कि एक बल्लेबाज और क्रिकेटर के तौर पर, कभी-कभी उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल और हम सब जिस तरह से सोचते हैं, वह मायने रखता है। मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है, क्योंकि उस समय हमें एक साथ मिलकर सिर्फ अगले गेम पर ध्यान देना होता है और अपना दबदबा बनाए रखना होता है।"

टीम मैनेजमेंट से मिली स्पष्टता और आजादी का श्रेय देते हुए, अभिषेक ने हाई-रिस्क वाले खेल को लगातार जारी रखने के लिए टीम लीडरशिप से साफ बातचीत के महत्व पर उन्होंने कहा, "जब आप किसी खास तरीके से खेलना चाहते हैं, तो यह बहुत जरूरी है कि कप्तान और कोच आपके साथ हों, क्योंकि आपको मैनेजमेंट, कोच और कप्तान से भी भरोसा मिलना चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि उन्हीं की वजह से हम कई वर्षों से ऐसा कर रहे हैं, और उम्मीद है कि हम इसे आगे भी जारी रखेंगे।"

मैदान के हर कोने में रन बनाने की अपनी काबिलियत पर अभिषेक ने कहा, "मेरे लिए, मुझे नहीं लगता कि मुझे किसी खास एरिया तक सीमित रहना चाहिए। बस गेंद को देखो और उसके हिसाब से खेलो। मेरे लिए यह पहले दिन से ही बहुत आसान रहा है। मैं बस जाकर खुलकर खेलना चाहता हूं, और गेंद पर जबरदस्ती शॉट नहीं मारना चाहता। मैं बस गेंद को देखकर उस पर शॉट मारना चाहता हूं, और आने वाले सभी मुकाबलों में भी मेरे लिए यही आसान तरीका रहेगा, लेकिन आप हमेशा यह नहीं कह सकते कि आप बहुत अच्छा ही खेलेंगे। हमारी टीम में जो संस्कृति बन रहा है, उसमें हमें दबदबा बनाना है और पावरप्ले का फायदा उठाना है, इसलिए सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है।"

--आईएएनएस

आरएसजी