एस जयशंकर ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान को यूएनजीए का अध्यक्ष चुने जाने पर दी बधाई
नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया। मंगलवार को न्यूयॉर्क में यूएन हेडक्वार्टर में हुई वोटिंग में उन्हें यह पद मिला। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उन्हें बधाई दी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई। हमारी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने का इंतजार रहेगा।"
बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, चुनाव सुबह 10 बजे (न्यूयॉर्क टाइम) जनरल असेंबली हॉल में हुआ और यह रूल्स ऑफ प्रोसीजर के नियम-30 के तहत हुआ। दिन में वोटिंग खत्म होने के बाद परिणाम का ऐलान किया गया।
यूएनजीए की मौजूदा अध्यक्ष और जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बारबॉक की वोटिंग खत्म होने के बाद नतीजों की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि कुल 190 वोट डाले गए। बांग्लादेश के उम्मीदवार डॉ. खलीलुर रहमान को 99 वोट मिले और उन्होंने अपने विरोधी, साइप्रस के राजदूत एंड्रियास एस. काकौरिस को आठ वोटों के अंतर से हराया। काकौरिस को कुल 91 वोट मिले।
इस जीत के साथ डॉ. खलीलुर रहमान ने यूएनजीए के 81वें सत्र की अध्यक्षता के लिए एशिया-प्रशांत समूह की रोटेशनल सीट सुनिश्चित कर ली।
डिप्लोमैटिक सूत्रों ने बांग्लादेशी मीडिया यूएनबी को बताया कि इस मुकाबले पर आखिरी स्टेज तक कड़ी नजर रखी गई और बदलते भू-राजनीतिक तालमेल ने नतीजे में अहम भूमिका निभाई।
इस जीत के साथ बांग्लादेश यूएनजीए के 81वें सत्र की अध्यक्षता करेगा, जो लगभग चार दशक बाद इस हाई-प्रोफाइल पद पर उसकी वापसी है। बांग्लादेश ने आखिरी बार 1986-87 में अध्यक्षता की थी, जब तत्कालीन विदेश मंत्री हुमायूं रशीद चौधरी 41वें सत्र के अध्यक्ष चुने गए थे।
जनरल असेंबली की अध्यक्षता हर साल पांच क्षेत्रीय समूहों के बीच रोटेट होती है- अफ्रीका, एशिया-पैसिफिक, ईस्टर्न यूरोप, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन और पश्चिमी यूरोप और अन्य। यूएन के 193 सदस्य देशों में से हर एक चुनाव में एक वोट डालता है।
यूएनजीए का 81वां सत्र 8 सितंबर, 2026 को शुरू होगा और उच्चस्तरीय चर्चा 22 सितंबर से शुरू होगी।
--आईएएनएस
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