रूस-यूक्रेन युद्ध में भारतीयों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय नागरिकों को रूस में नौकरी का झांसा देकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस मामले में अदालत ने केंद्र सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि रूस गए भारतीय नागरिकों में से 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जो कथित तौर पर यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में शामिल थे। सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने जानकारी दी कि कुल 215 भारतीय रूस गए थे। याचिका में जिन 26 लोगों का जिक्र किया गया है, उनमें से 10 की मौत हो चुकी है।
केंद्र ने कोर्ट को बताया कि अधिकांश लोग अपनी मर्जी से कॉन्ट्रैक्ट के तहत रूस गए थे और युद्ध में शामिल हुए। हालांकि, कुछ मामलों में एजेंटों द्वारा गुमराह किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि विदेश मंत्रालय पीड़ितों के परिवारों के संपर्क में है और कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि मृतकों के शव भारत लाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसमें परिवारों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। कई परिवार कोर्ट का रुख कर रहे हैं, जिससे समन्वय में दिक्कत आ रही है।
मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि युद्ध क्षेत्र से शवों को वापस लाना बेहद कठिन कार्य है। उन्होंने इस मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि इसे सावधानी और समझदारी से संभालने की जरूरत है। अदालत ने विदेश मंत्रालय को यह निर्देश दिया है कि अब तक की गई कार्रवाई और उठाए गए कदमों की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए।
26 लोगों के परिजनों की ओर से दायर याचिका में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिका के अनुसार, एजेंटों ने नौकरी दिलाने के बहाने लोगों को रूस भेजा, जहां उन्हें बंधक बना लिया गया और जबरन युद्ध में शामिल किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि उनके अपने किस हाल में हैं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अब कोर्ट इस मामले में सरकार की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
--आईएएनएस
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