दिवाली पर पटाखे चलाने के नियम सख्त, राजस्थान के NCR वाले 6 जिलों में सिर्फ 2 दिन मिलेगी छूट; ग्रीन पटाखे ही चला सकेंगे लोग
दिवाली के त्योहार पर बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राजस्थान सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई गाइडलाइन के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल राजस्थान के 6 जिलों में पटाखे चलाने की अनुमति सीमित कर दी गई है। इन जिलों में लोग केवल दो दिन और निर्धारित तीन घंटे की समय-सीमा के दौरान ही पटाखे चला सकेंगे।सरकार ने साफ किया है कि इन इलाकों में सिर्फ प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी। सामान्य और प्रतिबंधित पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
केवल तीन घंटे तक चला सकेंगे पटाखे
राजस्थान सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक NCR क्षेत्र में आने वाले छह जिलों में पटाखे चलाने की छूट केवल दो दिनों के लिए दी जाएगी। यह अनुमति भी निर्धारित समय के भीतर ही मान्य होगी। लोगों को पटाखे चलाने के लिए रोजाना सिर्फ तीन घंटे का समय मिलेगा।
इसके अलावा किसी भी दूसरे प्रकार के पटाखे का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य त्योहार के दौरान होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करना है।
QR कोड देखकर ही खरीदने होंगे ग्रीन पटाखे
सरकार ने पटाखों की खरीद-बिक्री को लेकर भी नियम सख्त किए हैं। अब ग्रीन पटाखों के प्रत्येक पैकेट पर QR कोड होना अनिवार्य होगा। ग्राहक इस कोड को स्कैन करके पटाखे के निर्माता, उसके प्रमाणन और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
बिना QR कोड वाले पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही पटाखे केवल सरकार की ओर से निर्धारित दुकानों पर ही बेचे जा सकेंगे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पटाखों की बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा।
अवैध पटाखे बेचने वालों पर होगी कार्रवाई
गाइडलाइन को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को अवैध पटाखों की बिक्री, भंडारण और सप्लाई पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें गठित करनी होंगी।
ये टीमें पटाखों की दुकानों और गोदामों की जांच करेंगी। इसके अलावा दिल्ली-NCR में प्रवेश करने वाले वाहनों की भी चेकिंग की जाएगी, ताकि प्रतिबंधित पटाखों की आवाजाही रोकी जा सके।
यदि कोई व्यक्ति या दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो पटाखे जब्त करने के साथ उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड रखेगा हवा की गुणवत्ता पर नजर
दिवाली के दौरान प्रदूषण के स्तर पर नजर रखने की जिम्मेदारी राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित जिला कार्यालयों को दी गई है। ये विभाग त्योहार के दौरान और उसके बाद रोजाना वायु प्रदूषण की जांच करेंगे।
प्रदूषण से जुड़े आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों, दुकानदारों और पटाखा निर्माताओं के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
लोगों से नियमों का पालन करने की अपील
सरकार की इस पहल का मकसद दिवाली की खुशियों के साथ पर्यावरण और लोगों की सेहत का भी ध्यान रखना है। खासतौर पर NCR क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या को देखते हुए पटाखों के इस्तेमाल पर नियंत्रण किया जा रहा है।
ऐसे में लोगों को पटाखे खरीदने से पहले QR कोड और प्रमाणन की जांच करने के साथ निर्धारित दिन और समय का भी ध्यान रखना होगा।