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आरएसएस को लेकर विदेशों में भी उठते हैं सवाल: साजिद रशीदी

 

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम, कथित आईएसआई जासूसी नेटवर्क, अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ने को लेकर हुए विवाद, महाराष्ट्र के भाषा विवाद और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत जैसे मुद्दों पर मुस्लिम नेता साजिद रशीदी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरएसएस की विचारधारा और गतिविधियों पर सवाल उठाए, वहीं कथित जासूसी मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की।

मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर साजिद रशीदी ने आरएसएश के संगठनात्मक स्वरूप और उसकी सार्वजनिक छवि को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस को लेकर देश और विदेश में समय-समय पर विरोध सामने आता रहा है। उन्होंने मोहन भागवत के विभिन्न बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि आरएसएस को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग धारणाएं बनती हैं। इसी वजह से संगठन को लेकर देश के भीतर और विदेशों में भी सवाल उठते हैं।

दिल्ली में कथित आईएसआई जासूस की गिरफ्तारी पर रशीदी ने कहा कि ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति जासूसी गतिविधियों में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी होनी चाहिए।

अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ने वाले लोगों के साथ कथित मारपीट के मामले पर रशीदी ने कहा कि भारत में भी अनेक ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनके जीवन और विचारों को पढ़ा जा सकता है। उन्होंने पाकिस्तान के साथ भारत के तनावपूर्ण संबंधों का हवाला देते हुए मलाला की किताब पढ़ने को लेकर आपत्ति जताई और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

महाराष्ट्र में हिंदी भाषी लोगों और ऑटो-टैक्सी चालकों को लेकर चल रहे विवाद पर रशीदी ने सरकार के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुंबई देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों का शहर है और हर नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में जाकर रोजगार करने का अधिकार है। भाषा के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव, मारपीट या उसकी रोजी-रोटी छीनने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। सरकार को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

राहुल गांधी के खिलाफ नाजिया खान की शिकायत पर रशीदी ने शिकायतकर्ता के कथित पुराने विवादों का उल्लेख किया और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं के बयानों पर राजनीतिक और कानूनी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए।

रशीदी ने राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को लेकर की गई टिप्पणी को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए कहा कि हर राजनीतिक दल अपने-अपने मतदाताओं को ध्यान में रखकर राजनीति करता है। साथ ही उन्होंने सरकार से शिकायतकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करने और उसकी कानूनी योग्यता की भी जांच कराने की मांग की।

--आईएएनएस

पीएसके/डीएससी