आरएसएस अपनी विचारधारा के कारण ही भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ: सपा नेता धर्मेंद्र सिंह
लखनऊ, 30 अगस्त (आईएएनएस)। न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान, हल्द्वानी "शुद्धिकरण" विवाद को लेकर कांग्रेस और भाजपा में टकराव सहित विभिन्न मुद्दों पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने प्रतिक्रिया दी।
न्यूयॉर्क में "एक दुनिया, एक माानवता" कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत की पहचान विविधता में एकता से है और अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं हो सकता। भागवत के इस बयान पर सपा प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "जो व्यक्ति ऐसी सोच रखता है, वह हिंदू नहीं हो सकता, लेकिन आरएसएस का हो सकता है। आरएसएस अपनी विचारधारा के कारण ही भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ रहा है।" उन्होंने लगातार लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने लोगों को उनके पहनावे और खान-पान की आदतों से पहचानने की बात भी कही है। आरएसएस को इसका जवाब देना चाहिए। अमेरिका जाकर ऐसे बयान देना और नफरत फैलाना, ये दोनों बातें एक साथ नहीं चल सकतीं।"
कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने 8 सितंबर को दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने के ऐलान पर सपा प्रवक्ता ने कहा, "यह कांग्रेस का आंतिरक मामला है। पार्टी के अंदर सहमति-असहमति की बात होती है तो उन्हें अपने नेता के सामने बात रखने का हक है। कांग्रेस पार्टी को इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए।"
आरक्षण के मुद्दे पर जीतन राम मांझी द्वारा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का इस्तीफा मांगे जाने पर सपा नेता धर्मेंद्र सिंह ने कहा, "डबल इंजन वाले डिब्बे आपस में टकरा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मंत्री संजय निषाद सरकार के खिलाफ धरना देने की चेतावनी दे रहे हैं। चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और अनुप्रिया पटेल सहित एनडीए में शामिल राजनीतिक दल अपने-अपने क्षेत्र की जनता से कुछ वादे कर सत्ता में आए थे, लेकिन अब भाजपा सरकार में मंत्री पद का आनंद ले रहे हैं। इन नेताओं के समाज के साथ भाजपा लगातार ठगी कर रही है।
हलद्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के सभा स्थल का शुद्धिकरण करने पर राहुल गांधी ने दलितों का अपमान बताया है। इस बयान पर धर्मेंद्र सिंह ने कहा, "बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और अखिलेश यादव सामाजिक न्याय की बात करते हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने समाज को बांटने का काम किया है। भाजपा जिस पीडीए को नफरत की नजर से देखती है, उसी का परिणाम है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद उस स्थल को गंगाजल से धुला गया। इसी मानसिकता को दिखाते हुए 2017 में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद से हटे तो मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाया गया था। हमारी लड़ाई इसी मानसिकता के खिलाफ है।"
--आईएएनएस
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