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आरपीएससी एसआई एवं प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2025 शांतिपूर्ण संपन्न, प्रदेशभर में कड़ी निगरानी

 

राजस्थान में राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2025 सोमवार को राज्यभर के सभी परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित की गई। परीक्षा के दौरान प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी निगरानी रखी, जिससे पूरे राज्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।

यह परीक्षा राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया था। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई और पहचान पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान नकल या अनुचित साधनों के उपयोग की कोई शिकायत सामने नहीं आई। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इस बार तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला।

गौरतलब है कि यह भर्ती परीक्षा राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवाओं ने अपने करियर की इस महत्वपूर्ण परीक्षा में भाग लिया।

राज्य सरकार और आयोग ने पहले से ही स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी के तहत सभी जिलों में जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे।

परीक्षा समाप्त होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र को मध्यम स्तर का बताया और उम्मीद जताई कि परिणाम निष्पक्ष तरीके से जारी किए जाएंगे। वहीं आयोग ने भी भरोसा दिलाया है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी।

पूरे राज्य में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने को प्रशासन और आयोग दोनों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब सभी की नजरें परिणाम और आगे की चयन प्रक्रिया पर टिकी हैं।