☰
×

रोग निवारण, स्वास्थ्य संवर्धन और सस्ते इलाज ने बदली स्वास्थ्य व्यवस्था: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल

 

गांधीनगर, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में गुणवत्तापूर्ण और करुणापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य की जनता को 500 करोड़ रुपए से अधिक की स्वास्थ्य विकास परियोजनाएं समर्पित कीं।

अहमदाबाद में स्वास्थ्य परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के कार्यकाल में गुजरात और पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। गुजरात ने 'सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयः' के आदर्श को प्राप्त करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में, राज्य ने रोग निवारण, स्वास्थ्य संवर्धन और किफायती उपचार पर केंद्रित एक समग्र स्वास्थ्य सेवा दृष्टिकोण अपनाया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अतीत में गंभीर बीमारियां अक्सर परिवारों को कर्ज में डुबो देती थीं। हालांकि, आयुष्मान भारत योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को अब 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है। गुजरात में 2.87 करोड़ से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

स्वास्थ्य सेवा से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2001-02 में मात्र 8 से बढ़कर 2025-26 में 43 हो गई है। इसी अवधि के दौरान, एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,375 से बढ़कर 7,525 हो गई है।

भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं की योजनाओं के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकोट में एम्स अब चालू हो चुका है, जबकि जामनगर में विश्व का पहला वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र विकसित किया जा रहा है। अहमदाबाद मेडिसिटी में 223 करोड़ रुपए की लागत से तंत्रिका विज्ञान और अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी गई है। यह संस्थान स्ट्रोक, मस्तिष्क ट्यूमर और अन्य जटिल तंत्रिका संबंधी विकारों के लिए उन्नत उपचार और अनुसंधान सुविधाएं प्रदान करेगा। एक ही छत के नीचे व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए, अहमदाबाद मॉडल की तर्ज पर लगभग 3,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से वसई और कामरेज में नई मेडिसिटी की योजना बनाई जा रही है। गांधीनगर और सूरत में भी कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल बीमारियों का निदान और उपचार करने तक ही सीमित नहीं है। उन्हें मरीजों और उनके परिवारों में विश्वास जगाना और भावनात्मक सहारा प्रदान करना भी आवश्यक है। उन्होंने सभी से 'स्वस्थ गुजरात' के निर्माण और प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के विजन को साकार करने की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। राज्य भर में लगभग 255 स्वास्थ्य सुविधाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह आयोजित किए गए हैं, जिनमें 500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अहमदाबाद सिविल अस्पताल परिसर में 223 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला तंत्रिका विज्ञान और अनुसंधान केंद्र संस्थान 58,000 वर्ग मीटर में फैला होगा और इसमें 525 बिस्तर और 13 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर होंगे। यह संस्थान जटिल तंत्रिका संबंधी विकारों से पीड़ित रोगियों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में इसी परिसर में एक सुसज्जित स्पाइन अस्पताल स्थापित करने की योजना चल रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के मरीजों को घर के पास ही विश्व स्तरीय उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

राज्य भर में स्वास्थ्यकर्मियों, डॉक्टरों और आशा कार्यकर्ताओं के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि गुजरात ने तपेदिक से निपटने, चांदीपुरा वायरस और मलेरिया को नियंत्रित करने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने यह भी बताया कि अंगदान में गुजरात के अस्पताल देश में पहले स्थान पर हैं। 108 आपातकालीन सेवा के तहत 1,400 से अधिक एम्बुलेंस चौबीसों घंटे आपातकालीन देखभाल प्रदान कर रही हैं, जो प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

घर के पास ही समय पर निदान और उचित उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, 185 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 255 नवनिर्मित स्वास्थ्य सुविधाओं का ई-उद्घाटन किया गया। इसके अतिरिक्त, 347 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जाने वाली 45 नई स्वास्थ्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।

इस अवसर पर अहमदाबाद में 223 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जाने वाले तंत्रिका विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र संस्थान की आधारशिला रखी गई। यह संस्थान अत्याधुनिक तंत्रिका संबंधी उपचार प्रदान करेगा, जिससे गुजरात और पड़ोसी राज्यों के रोगियों को नई उम्मीद मिलेगी।

समय पर निदान, उचित उपचार और घर के पास ही करुणापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के साथ, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात की जनता को 500 करोड़ रुपए से अधिक की स्वास्थ्य विकास परियोजनाएं समर्पित कीं।

इस अवसर पर, 223 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जाने वाले तंत्रिका विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र संस्थान की आधारशिला रखी गई। संस्थान का निर्मित क्षेत्र 58,831 वर्ग मीटर होगा और इसमें 521 बेड की क्षमता होगी, जिसमें 288 सामान्य वार्ड बेड, 160 आईसीयू बेड, 57 विशेष और अर्ध-विशेष बिस्तर और 16 ट्राइएज बिस्तर शामिल हैं।

संस्थान में 13 अंतरराष्ट्रीय मानकीकृत ऑपरेशन थिएटर और विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी, जिनमें न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभाग, आपातकालीन रेडियोलॉजी, उन्नत प्रयोगशालाएं, एक रक्त बैंक, एक केंद्रीय रोगाणुहीन सेवा विभाग (सीएसडी), एक वायवीय ट्यूब प्रणाली और एक आंतरिक न्यूरो-पुनर्वास केंद्र शामिल हैं।

यह केंद्र गुजरात और पड़ोसी राज्यों के लिए उन्नत न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र होगा। यह स्ट्रोक, जटिल मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकारों, दुर्घटना से संबंधित तंत्रिका संबंधी चोटों और दीर्घकालिक पुनर्वास के उपचार प्रदान करके रोगियों और उनके परिवारों को नई उम्मीद देगा।

शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला, महापौर हितेश बरोट, जिला पंचायत अध्यक्ष सुरजीतसिंह गोहिल, सांसद दिनेश मकवाना और हसमुख पटेल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव टॉपनो, विधायक अमूल भट्ट और कौशिक जैन, शहरी स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संध्या भुल्लर, ग्रामीण स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. रतनकंवर गढ़विचरण, अतिरिक्त निदेशक डॉ. नीलम पटेल, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे।

--आईएएनएस

एमएस/