रिश्वत केस में लखनऊ के सीबीआई कोर्ट ने दो डाक कर्मचारियों को सुनाई सजा
लखनऊ, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। रिश्वतखोरी के एक मामले में लखनऊ के सीबीआई कोर्ट ने दो डाक कर्मचारियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह फैसला सोमवार को सुनाया गया था।
कोर्ट ने कुंडा, प्रतापगढ़ के सब पोस्ट ऑफिस में तैनात पोस्टल असिस्टेंट सूरज प्रसाद मिश्रा को 3 साल की कैद और 15,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, सब पोस्ट मास्टर संतोष कुमार सरोज को 6 महीने की कैद और 5,000 रुपए जुर्माने की सजा दी गई है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में 30 नवंबर 2019 को केस दर्ज किया था। आरोप था कि सब पोस्ट मास्टर संतोष कुमार सरोज और पोस्टल असिस्टेंट सूरज प्रसाद मिश्रा ने मिलकर एक कमीशन एजेंट से अवैध रिश्वत मांगने की आपराधिक साजिश रची थी।
आरोपी अधिकारी हर 20,000 रुपए के रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खाते में जमा पर 100 रुपए की दर से फिक्स रिश्वत मांगते थे। इसे वे 'सुविधा खर्च' का नाम देते थे। आरोपियों ने एजेंट को धमकी भी दी थी कि अगर यह पैसा नहीं दिया गया तो उसका काम रोक दिया जाएगा और बाधाएं पैदा की जाएंगी।
सीबीआई ने 30 नवंबर 2019 को ही आरोपी सूरज प्रसाद मिश्रा को 2,00,040 रुपए की जमा राशि को प्रोसेस करने के लिए 1,000 रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 31 दिसंबर 2019 को दोनों आरोपियों संतोष कुमार सरोज और सूरज प्रसाद मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल के बाद माननीय अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया और सजा सुनाई।
इससे पहले सीबीआई की लखनऊ विशेष अदालत ने एलआईसी में हुए 6.37 करोड़ रुपए के बड़े घोटाले के मामले में चार लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। यह फैसला कोर्ट ने 30 सितंबर को सुनाया था। इस मामले में दोषियों में एक सरकारी कर्मचारी पंकज सक्सेना है, जो उस समय एलआईसी की ट्रांसगोमती ब्रांच, जानकीपुरम, लखनऊ में हायर ग्रेड असिस्टेंट के पद पर तैनात था। इसके अलावा तीन व्यक्ति, प्रेम शंकर उपाध्याय, रेखा उपाध्याय और मनीष सक्सेना भी शामिल थे।
--आईएएनएस
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