पश्चिम एशिया संघर्ष का असर: बूंदी और कोटा में चावल उद्योग संकट में, 300 करोड़ रुपये का स्टॉक फंसा
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण राजस्थान के बूंदी और कोटा के चावल उद्योग पर गंभीर दबाव पड़ रहा है। निर्यात बंद होने के चलते लगभग 300 करोड़ रुपये मूल्य का बासमती चावल बंदरगाहों और गोदामों में फंसा हुआ है।
मिल मालिकों का कहना है कि अगर स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो उत्पादन को रोकना पड़ सकता है। इससे लगभग 10,000 श्रमिकों के सामने बेरोजगारी का खतरा उत्पन्न हो सकता है। उद्योग के प्रतिनिधियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और निर्यात मार्ग खोलने की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के कारण कृषि निर्यात प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में स्थानीय उद्योग और किसानों के लिए समर्थन और नीति सहारा बेहद जरूरी है।
स्थानीय श्रमिक और व्यवसायी भी चिंतित हैं, क्योंकि उद्योग की मंदी से रोज़गार और आमदनी दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रशासन ने मामले पर नजर बनाए रखने और उद्योग के हित में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
कुल मिलाकर, बूंदी और कोटा के चावल उद्योग पर पश्चिम एशिया संघर्ष का असर गंभीर रूप ले रहा है, और उत्पादन व रोजगार दोनों को संकट का सामना करना पड़ सकता है।