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रेवंत रेड्डी का बयान: "शिव गरीबों के और राम अमीरों के भगवान", वीडियो में जाने भाजपा पर लगाया राम को राजनीतिक नैरेटिव से जोड़ने का आरोप

 

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक मीडिया सम्मेलन के दौरान धर्म, राजनीति और सांस्कृतिक पहचान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव गरीबों के भगवान हैं, जबकि भगवान राम को अमीरों से जोड़कर देखा जाता है। रेवंत रेड्डी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने भगवान राम को अपने राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा बना लिया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि भाजपा ने भगवान राम को "चुरा लिया" है और उन्हें राजनीतिक मुद्दे के रूप में पेश किया है। उन्होंने भाजपा को अमीरों की पार्टी बताते हुए कहा कि कांग्रेस की विचारधारा आम लोगों और गरीबों से जुड़ी हुई है।

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दक्षिण और उत्तर भारत की राजनीति पर बोले रेवंत

मीडिया सम्मेलन के दौरान रेवंत रेड्डी से सवाल किया गया कि कांग्रेस दक्षिण भारत में मजबूत स्थिति में दिखाई देती है, लेकिन उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत में उसका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर क्यों रहा है। इसके जवाब में उन्होंने इसे धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से जोड़कर समझाने की कोशिश की। रेवंत रेड्डी ने कहा कि दक्षिण भारत और उत्तर भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में अंतर है। उन्होंने कहा, "हम द्रविड़ हैं, जबकि उत्तर भारत के लोग आर्य हैं। हम शिव के भक्त हैं और आर्य भगवान राम के भक्त हैं।" उन्होंने दावा किया कि यही सांस्कृतिक अंतर राजनीतिक सोच और चुनावी व्यवहार में भी दिखाई देता है।

भाजपा और राम मंदिर की राजनीति पर निशाना

रेवंत रेड्डी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी ने भगवान राम की छवि को राजनीतिक अभियान से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी एक पार्टी या वर्ग के नहीं हैं, लेकिन भाजपा ने उन्हें अपने राजनीतिक विमर्श का केंद्र बना लिया है। गौरतलब है कि भगवान राम और राम मंदिर का मुद्दा लंबे समय से भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है, जबकि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल भाजपा पर धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते रहे हैं।

बयान पर सियासी प्रतिक्रिया की संभावना

रेवंत रेड्डी के इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस के बीच धर्म, संस्कृति और राजनीतिक पहचान को लेकर पहले भी कई बार तीखी बयानबाजी होती रही है। रेवंत रेड्डी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में विभिन्न राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और दल अपनी-अपनी विचारधाराओं तथा जनाधार को मजबूत करने में जुटे हैं। अब देखना होगा कि भाजपा की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।