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देश को मिला नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, वीडियो में जाने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की नियुक्ति का ऐलान

 

केंद्र सरकार ने शनिवार को देश के शीर्ष सैन्य पदों में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। सरकार की ओर से जारी घोषणा के अनुसार, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल NS Raja Subramani को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह रक्षा मंत्रालय के तहत रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।सरकारी बयान के अनुसार, एनएस राजा सुब्रमणि 31 मई को अपना कार्यभार संभालेंगे। मौजूदा CDS Anil Chauhan का कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद यह परिवर्तन प्रभावी होगा। सरकार ने इसे देश की रक्षा संरचना को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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एनएस राजा सुब्रमणि भारतीय सेना में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और उन्हें रणनीतिक और संचालनात्मक अनुभव के लिए जाना जाता है। वे देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होंगे। यह पद तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायुसेना—के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए सर्वोच्च सैन्य पद माना जाता है।इसी के साथ सरकार ने नौसेना में भी बड़ा बदलाव किया है। वाइस एडमिरल Krishna Swaminathan को भारतीय नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वे भी 31 मई को अपना कार्यभार संभालेंगे।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन नियुक्तियों का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों में नेतृत्व परिवर्तन को सुचारू रूप से लागू करना और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप रणनीतिक क्षमता को मजबूत करना है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने संयुक्त सैन्य कमान और त्रि-सेवा समन्वय पर विशेष जोर दिया है, और CDS की भूमिका इसी दिशा में बेहद अहम मानी जाती है।सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नए CDS से उम्मीद की जा रही है कि वे तीनों सेनाओं के बीच और बेहतर तालमेल स्थापित करेंगे, रक्षा खरीद प्रक्रिया को गति देंगे और संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता को मजबूत बनाएंगे। इसके अलावा, रक्षा आधुनिकीकरण और तकनीकी सुधार भी उनके कार्यकाल की प्राथमिकताओं में शामिल होंगे।

नौसेना प्रमुख की नियुक्ति को भी समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में समुद्री सुरक्षा चुनौतियां बढ़ सकती हैं, ऐसे में नेतृत्व में यह बदलाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।हालांकि आधिकारिक घोषणा के बाद भी विस्तृत कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय पर पूरी की जाएंगी और 31 मई को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया जाएगा। फिलहाल, देश की रक्षा व्यवस्था में हुए इस बड़े बदलाव को लेकर सैन्य और रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और सभी की नजरें नए नेतृत्व की आगामी रणनीतियों पर टिकी हुई हैं।