रीमेक का टैग नहीं चाहता था, ‘दृश्यम 3’ पर बोले डायरेक्टर अभिषेक पाठक
मुंबई, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। निर्देशक अभिषेक पाठक की आइकॉनिक फ्रेंचाइजी 'दृश्यम 3: द कन्क्लूजन' सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है। निर्देशक का कहना है कि सीक्वल बनाते वक्त उनकी कोशिश थी कि पुरानी फिल्मों की बारीकियों को बनाए रखते हुए एक नई कहानी पेश की जाए।
अभिषेक पाठक ने बताया कि फिल्म की कहानी कई परतों वाली है, इसलिए उन्हें पिछली फिल्मों को फिर से देखना पड़ा था ताकि यह साफ हो सके कि हर डायलॉग और सीन का कोई मतलब है। उन्होंने कहा, "'दृश्यम 3: द कन्क्लूजन' की कहानी लिखते समय भी हम बार-बार पिछली फिल्मों के छोटे से डायलॉग या सीन को देखा करते थे और सोचते थे कि इसे पिछली कहानी से कैसे कनेक्ट किया जा सके। मैं इस बात को लेकर बहुत सजग था कि हमारे दर्शक पहले से ही 'दृश्यम' और 'दृश्यम-2' देख चुके हैं, तो वे इसकी कहानी से अच्छे वाकिफ हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं चाहता था कि लोगों को पुरानी यादों का एहसास हो और लगे कि सारे हिस्से आपस में जुड़े हुए हैं। साथ ही मैं इस बार रीमेक का टैग नहीं चाहता था, क्योंकि कहीं न कहीं मुझे इस बात का अंदाजा था कि जब आप कुछ ऐसा बनाते हैं, जो पहले से ही मौजूद है तो लोग हिंदी वर्जन में बनी फिल्म की मेहनत को नजरअंदाज करते हैं।"
निर्देशक ने कहा, "मैं इसे सच में अपने तरीके से लिखना चाहता था। कहानी को अपने अंदाज में आगे ले जाना चाहता था और आखिरी भाग का अपना वर्जन बनाना चाहता था। हम लगातार स्क्रीनप्ले को लेकर बहस करते थे। अगर कुछ अंदाजा लगाने लायक लगता था तो हम कहते थे कि इसे कोई भी समझ सकता है। इस प्रोसेस ने हमें कहानी को जटिल बनाए रखने में मदद की, बिना दर्शकों को खोए।"
निर्देशक अभिषेक पाठक की मेहनत की हर जगह तारीफ हो रही है। 'दृश्यम 3: द कन्क्लूजन' को दर्शकों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
--आईएएनएस
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