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रवि शंकर गोयल सूरीनाम के अगले राजदूत नियुक्त, जल्द संभालेंगे कमान

 

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने रवि शंकर गोयल को रिपब्लिक ऑफ सूरीनाम का अगला राजदूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार शाम आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

एमईए के अनुसार, 2009 बैच के आईएफएस (इंडियन फॉरेन सर्विस) अधिकारी रवि शंकर गोयल को सूरीनाम गणराज्य में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वो मेदान (इंडोनेशिया) स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास में महावाणिज्य दूत हैं। उनके जल्द ही अपना कार्यभार संभालने की उम्मीद है।

वो सुभाष प्रसाद गुप्ता की जगह लेंगे। गुप्ता सूरीनाम में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत थे, जिनका कार्यकाल हाल ही में (अक्टूबर 2026 में) समाप्त हुआ है।

इंडोनेशिया स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की आधिकारिक साइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने करियर के दौरान अल्जीरिया, स्विट्जरलैंड, अफगानिस्तान, श्रीलंका, सऊदी अरब, मंगोलिया और ओमान स्थित भारतीय दूतावासों में भी सेवाएं दी हैं। विदेशों में अपनी तैनाती के दौरान, उन्होंने राजनीतिक, वाणिज्यिक, सांस्कृतिक, सूचना, कांसुलर और प्रशासनिक मामलों को संभाला है।

नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में अपनी तैनाती के दौरान, उन्होंने प्रशासन, सीएनवी, वित्त, हज, सार्क और आसियान से जुड़े मामलों को देखा। मेदान जाने से पहले, वह विदेश मंत्रालय में निदेशक (साइबर कूटनीति) थे।

26 फरवरी 1969 को जन्मे गोयल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ कॉमर्स और पंजाब विश्वविद्यालय से इतिहास में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की है। वह हिंदी, अंग्रेजी, फ्रेंच और अरबी भाषाएं बोलते हैं।

भारत और सूरीनाम के कूटनीतिक संबंधों की बात करें तो ये बेहद गर्मजोशीपूर्ण, मैत्रीपूर्ण और पारिवारिक बंधनों पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मई 2026 में 50 वर्ष पूरे हुए हैं। सूरीनाम की कुल जनसंख्या में भारतीय मूल के लोगों (इंडो-सूरीनामी) की हिस्सेदारी करीब 27% से अधिक है। सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी समेत कई प्रमुख पदों (जैसे संसद सदस्य और मंत्री) पर भारतीय मूल के लोग रहे हैं।

भारत ने 1977 में पारामारीबो में अपनी एंबेसी खोली थी, और सूरीनाम ने 2000 में नई दिल्ली में अपना दूतावास स्थापित किया।

--आईएएनएस

केआर/