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रावण दहन के साथ नशे, दहेज और जातीय भेदभाव से मुक्ति का लें संकल्प: मुख्यमंत्री योगी

 

लखनऊ, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों से अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण के दहन के साथ नशे की लत, पारिवारिक कलह, जातीय भेदभाव और दहेज-प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में कहा कि अन्यायी और अधर्मी चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने कानून के शासन, नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक समरसता को रामराज्य के आदर्शों से जोड़ते हुए जनभागीदारी के जरिए स्वस्थ परिवार, सशक्त समाज और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी की बधाई और विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां दुर्गा का प्रबल पराक्रम और प्रभु श्रीराम का धर्मनिष्ठ जीवन अन्याय के प्रतिकार, नारी-सम्मान तथा कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी सत्य और धर्म की विजय के शाश्वत संदेश का प्रतीक है। योगी ने कहा कि सनातन संस्कृति विजय के उल्लास के साथ विनम्रता और ज्ञान के प्रति सम्मान का भाव भी सिखाती है। लंका विजय के बाद प्रभु श्रीराम ने लक्ष्मण को मृत्यु शय्या पर पड़े रावण से ज्ञान प्राप्त करने के लिए भेजा।

वहीं, स्वर्णमयी लंका के वैभव के बजाय उन्होंने अपनी जन्मभूमि अयोध्या को वरीयता दी और लंका का राजपाट उसके उत्तराधिकारी को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के शब्द, “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”, मां और मातृभूमि के प्रति प्रेम तथा कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के संदेश को आत्मसंयम, समता, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि ये मूल्य भारत की विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में अलग-अलग रूपों में अभिव्यक्त होते हैं।

प्रभु श्रीराम का जीवन समरसता और सामाजिक एकात्मता का प्रतीक है। रामलीला के मंचन से लेकर उसे देखने आने वाले दर्शकों तक, सभी लोग बिना किसी भेदभाव के उत्साह के साथ इन उत्सवों में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की कथा के आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी समाहित हैं। इन आदर्शों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब वे हमारे आचरण और शासन-व्यवस्था में भी दिखाई दें।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप प्रदेश सरकार ने कानून के शासन और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर भयमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। इसी क्रम में प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। यह क्षेत्र ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित होगा।

उन्होंने कहा कि अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति ने कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने के साथ निवेश, उद्योग और विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित और समरस समाज के निर्माण के लिए शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से विजयादशमी पर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ व्यक्तिगत और सामूहिक संकल्प लेने की अपील की।

योगी ने कहा कि यदि आसपास कोई व्यक्ति किसी व्यसन से पीड़ित है, तो उसके प्रति तिरस्कार का भाव रखने के बजाय सहयोग और संवेदना का व्यवहार किया जाना चाहिए। ऐसे लोगों को स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी के माध्यम से ही स्वस्थ परिवार, सशक्त समाज और समृद्ध उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।

--आईएएनएस

विकेटी/एएस