राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत गौतमबुद्ध नगर में स्लीपर बस संचालकों संग गोष्ठी आयोजित
नोएडा, 10 जनवरी (आईएएनएस)। गौतमबुद्ध नगर में शनिवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत स्लीपर बस संचालकों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्गत निर्देशों के क्रम में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह' के अंतर्गत गौतमबुद्धनगर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस आयुक्त के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (यातायात) की अध्यक्षता में शनिवार को स्लीपर बसों के ओनर्स एवं बस यूनियन के पदाधिकारियों के साथ एक विस्तृत गोष्ठी का आयोजन किया गया।
यह गोष्ठी सेक्टर-14ए स्थित कार्यालय परिसर में संपन्न हुई। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को शून्य की दिशा में ले जाना और 'शून्य मृत्यु दर समाधान' को प्रभावी रूप से लागू करना रहा।
बैठक के दौरान यातायात नियमों के कड़ाई से पालन पर विशेष बल दिया गया। शीत ऋतु की दृष्टि से बसों को निर्धारित गति सीमा के भीतर चलाने, क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाने, बसों की छत पर माल लादकर संचालन न करने तथा परमिट की सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, मार्ग पर अनधिकृत रूप से बसों को रोककर सवारी बैठाने पर रोक, बस चालक एवं परिचालक द्वारा किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध, फिटनेस प्रमाण पत्र के अनुसार ही बसों का संचालन तथा लंबी दूरी की बसों में दो चालकों की अनिवार्य व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने के लिए पीक ऑवर्स के दौरान नोएडा–ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बसों का संचालन न करने की भी अपील की गई।
गोष्ठी में मनीषा सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात), डॉ. अदित नारायण पांडेय (एआरटीओ) सहित समस्त स्लीपर बसों के मालिक और बस यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें परिवहन से जुड़े सभी हितधारकों का सहयोग आवश्यक है।
इस दौरान बस संचालकों और यूनियन प्रतिनिधियों ने यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने भी नियमित निगरानी, जागरूकता कार्यक्रमों और सख्त प्रवर्तन के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
--आईएएनएस
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