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राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 की समय सीमा बढ़ाई गई: पेट्रोलियम मंत्रालय

 

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के मद्देनजर भारत सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। वहीं बदलते हालात के बीच सरकार ने राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 की समय सीमा भी बढ़ा दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है।

सरकार के अनुसार, देश की सभी तेल रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी के बीच आम लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क घटाया गया है, जबकि निर्यात को नियंत्रित करने के लिए डीजल (21.5 रुपये प्रति लीटर) और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) (29.5 रुपये प्रति लीटर) पर लेवी लगाई गई है।

देशभर में पेट्रोल पंप और ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। सरकार ने अफवाहों के कारण हो रही घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील की है और कहा है कि कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है। राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सही जानकारी जनता तक पहुंचाएं और फर्जी खबरों पर रोक लगाएं।

प्राकृतिक गैस के मोर्चे पर भी सरकार सक्रिय है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है, जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं को सीमित आपूर्ति की जा रही है। डी- पीएनजी और सीएनजी-परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति उनकी औसत खपत का 80 प्रतिशत है।

सिटी गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए राज्यों से अनुमतियों में तेजी लाने को कहा गया है। हाल ही में जारी अधिसूचनाओं के जरिए पाइपलाइन बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति दी जा रही है।

एलपीजी की स्थिति पर सरकार ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त आपूर्ति बनी हुई है और रोजाना औसतन 50 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर अब पूर्व-संकट स्तर के करीब 70 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है, जिसमें होटल, ढाबा, उद्योग और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता दी जा रही है।

चेयरपर्सन (पीएनजीआरबी) ने 30.03.2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीजीडी संस्थाओं को डी-पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही, पीएनजी विस्तार में गति बनाए रखने के लिए नेशनल पीएनजी ड्राइव 2.0 (01.01.2026-31.03.2026) को अब 30.06.2026 तक बढ़ा दिया गया है। मार्च के महीने के दौरान, 3.1 लाख से अधिक कनेक्शन सहित घरेलू, वाणिज्यिक, छात्रावास, मेस, कैंटीन आदि को गैसीकृत किया गया।

मिट्टी के तेल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त आवंटन किया गया है और जरूरत पड़ने पर वितरण की विशेष व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके साथ ही, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए देशभर में 3000 से अधिक छापेमारी की गई है और सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

यूरिया संयंत्रों के संचालन के लिए आपूर्ति अब उनकी पिछले 6 महीने की औसत खपत के लगभग 70-75 प्रतिशत पर स्थिर है। आपूर्ति और पाइपलाइन हाइड्रोलिक्स को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एलएनजी कार्गो और रीगैसिफाइड एलएनजी (आरएलएनजी) भी प्राप्त किए जा रहे हैं। उर्वरक संयंत्रों सहित सभी औद्योगिक उपभोक्ताओं को मौके के आधार पर अपनी अतिरिक्त आवश्यकता प्रदान करने की सलाह दी गई है ताकि गैस विपणन कंपनियों द्वारा इसकी व्यवस्था की जा सके।

समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। फिलहाल 18 भारतीय जहाजों पर 485 नाविक मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। कंट्रोल रूम 24/7 सक्रिय है और अब तक हजारों कॉल और ईमेल का निस्तारण किया जा चुका है।

सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, ईंधन की अनावश्यक खरीदारी से बचें और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाएं। साथ ही, पीएनजी, इलेक्ट्रिक कुकटॉप और अन्य वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की भी सलाह दी गई है।

--आईएएनएस

केआर/