राष्ट्रीय हितों की रक्षा हमारी विदेश नीति का अटल सिद्धांत: ईरान
तेहरान/दोहा, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरान ने कहा है कि वो अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा और ये उसकी विदेश नीति का अटल सिद्धांत है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने चेतावनी दी कि ईरान किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब जरूर देगा।
मंगलवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाघेई ने उस दावे को भी खारिज कर दिया कि अमेरिका ने ईरान में 'माउंट कोलांग' पर संभावित हमले के बारे में कोई संदेश भेजा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी को सच में यह उम्मीद थी कि तेहरान बिना किसी जवाबी कार्रवाई के वाशिंगटन को हमला करने देगा?
तस्नीम न्यूज एजेंसी ने उनके हवाले से बताया, "हमला करके भाग जाने (हिट-एंड-रन) का दौर अब खत्म हो चुका है। ईरान ने यह साबित कर दिया है कि वह हर हमले का जवाब उसी स्तर पर, या उससे भी कहीं अधिक जोरदार तरीके से देने की हिम्मत रखता है।"
तीसरे विश्व युद्ध की संभावना पर कतरी प्रवक्ता की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए, बाघेई ने कहा कि ईरान ने आठ महीनों तक थोपे गए आक्रामक युद्ध को झेला है और अपने पिछले अनुभवों से सबक सीखा है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है और देश की रक्षा के लिए हर तरह से पूरी तरह मुस्तैद है।
बाघेई ने कहा कि देशहित और सुरक्षा की रक्षा करना ईरान की विदेश नीति का ऐसा सिद्धांत है, जिससे समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, “इस लक्ष्य को हासिल करना, चाहे कूटनीतिक माध्यमों से हो या वैध रक्षा के जरिए, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए कूटनीति के हर अवसर का इस्तेमाल करना भी एक बुनियादी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट से निपटने में विवेकपूर्ण निर्णय और तर्कसंगत दृष्टिकोण का विशेष महत्व है।
दरअसल, कतरी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने हाल ही में अल अरबिया न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जताई थी। चेतावनी दी कि अगर मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संकट और संघर्ष नहीं सुलझाए गए, तो हो सकता है हम तीसरे विश्व युद्ध के पहले चरण में प्रवेश कर चुके हैं।
अल अंसारी ने मौजूदा भू-राजनीतिक हालात की तुलना 1940 और 1941 के दौर से की। उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के शुरुआती दौर में जी रहे लोगों को अक्सर कई सालों तक यह पता ही नहीं चला कि वे किस दौर से गुजर रहे हैं।
वहीं, 'माउंट कोलांग' की बात करें तो ये वो ठिकाना है जहां कथित तौर पर ईरान ने संदिग्ध परमाणु गतिविधि जारी रखी है। कई बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे तबाह-बर्बाद करने की धमकी दे चुके हैं।
--आईएएनएस
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