राष्ट्रपति मुर्मू की जीवन यात्रा प्रेरणास्पद, उनकी मेजबानी के लिए धन्यवाद: ली जे म्युंग
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आतिथ्य से गदगद हुए। सोमवार रात राजकीय भोज का आयोजन राष्ट्रपति भवन में किया गया था। ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर के साथ लंबे चौड़े पोस्ट में अपनी भारतीय समकक्ष की जीवन यात्रा को प्रेरक बताया।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि सोमवार शाम, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित रात्रिभोज में शामिल होकर मैंने अच्छा समय बिताया।
ली ने राष्ट्रपति मुर्मू के जीवन का संक्षिप्त वर्णन करते हुए आगे लिखा, "मैं राष्ट्रपति मुर्मू की जीवन यात्रा से बहुत प्रेरित हुआ—एक ऐसी यात्रा जो सामाजिक बाधाओं और व्यक्तिगत कठिनाइयों पर विजय पाने और स्वयं को अपने समुदाय तथा वंचितों की सेवा के लिए समर्पित करने की कहानी है। मैं यह महसूस कर सका कि आज भारत जिस आत्मविश्वास का प्रदर्शन करता है, वह सीधे तौर पर राष्ट्रपति के साहस और दूरदृष्टि का परिणाम है।"
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों में संभावनाएं असीम हैं। उन्होंने उम्मीद जताई, "भविष्य में, हम राजनीति और अर्थशास्त्र के दायरे से आगे बढ़कर, एक-दूसरे के दृढ़ भागीदार के रूप में आगे बढ़ेंगे और मिलकर एक साझा भविष्य का निर्माण करेंगे।"
अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू और भारत की जनता के आत्मीय आतिथ्य के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए हिंदी में 'धन्यवाद' लिखा।
इससे पहले राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से एक्स पर एक वीडियो क्लिप पोस्ट की गई। इसमें आतिथ्य सत्कार और राजकीय भोज की झलक है। दोनों राष्ट्राध्यक्षों का संबोधन, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दिखती है।
बता दें, कि भारत दौरे पर आए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विशेष मुलाकात की। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने ली जे-म्युंग का राष्ट्रीय राजधानी में भव्य स्वागत किया।
इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत दक्षिण कोरिया के साथ एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यापार और सहयोग बढ़ाने के लिए तत्पर है। दोनों देश हरित तकनीक और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत कर युवाओं के लिए नए अवसर बनाने और 2030 तक व्यापार बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
--आईएएनएस
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