राष्ट्रपति मुर्मु ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, कहा- देशवासियों का विकास और कल्याण ही विकसित भारत का वास्तविक लक्ष्य
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की आर्थिक प्रगति, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक कल्याण, महिला सशक्तीकरण, युवा शक्ति, पर्यावरण संरक्षण और विदेश नीति समेत विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेश की योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। इनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था द्वारा उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। वहीं, ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
राष्ट्रपति ने कहा कि किसान सम्मान निधि तथा किसान क्रेडिट कार्ड्स से खेती, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जुड़े किसान भाई-बहनों को संबल मिला है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज देश में यह चेतना बलवती हो रही है कि सांस्कृतिक गौरव का भाव देश की संप्रभुता को आत्मिक शक्ति प्रदान करता है। भारत विरासत और विकास के समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में विश्व का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। गांवों की छोटी-छोटी दुकानों तथा रेहड़ी-पटरी पर भी डिजिटल भुगतान हो रहे हैं। विश्व में आधे से अधिक रियल टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग करके सरकार ने जनकल्याण की सुविधाओं को पारदर्शी तरीके से जन-जन तक पहुंचाया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश में हाईवे, वाटरवेज, रेलवे और एयरवेज के रूप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इससे नए उद्यमों के लिए अवसर पैदा हो रहे हैं, नए रोजगारों का सृजन हो रहा है तथा निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रही है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी भारत विश्वस्तर पर अग्रणी योगदान दे रहा है। रेनेवल एनर्जी के विकास को पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व गति मिली है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के अधिकार के प्रयोग में तनिक भी कमी न हो, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम उन्हें और अधिक समृद्ध प्राकृतिक संपदाएं प्रदान करें। पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी आस्था हमारी परंपरा का हिस्सा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की विदेश नीति देशहित पर आधारित है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा पारस्परिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए भारत ने अनेक देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता किए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है और विश्व पटल पर देश का सम्मान बढ़ा है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत प्रसन्नता होती है कि शिक्षा के क्षेत्र में देश की बेटियां प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की 10 करोड़ से अधिक महिला सदस्य हैं। ‘मुद्रा योजना’ के तहत सहायता प्राप्त करने वाले उद्यमियों में लगभग दो तिहाई लाभार्थी महिलाएं हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश की कुल आबादी में 65 प्रतिशत लोगों की आयु 35 वर्ष से कम है। यह युवा आबादी भारत की सबसे मूल्यवान संपदा है।
उन्होंने कहा कि केवल 28 वर्ष की औसत आयु वाली युवा टीम द्वारा हाल ही में रॉकेट का सफल प्रक्षेपण करके अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए चरण का शुभारंभ किया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व के बड़े-बड़े उद्यम भारत के युवाओं की प्रतिभा और लगन से प्रभावित रहते हैं तथा उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं में नियुक्त करते हैं। ऐसे युवाओं ने विश्व समुदाय में भारत की युवा शक्ति की साख बढ़ाई है। हमारी युवा पीढ़ी भारत के स्वर्णिम भविष्य के प्रति उनकी आस्था को और प्रबल बनाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे विद्यार्थी भारत के भविष्य निर्माता हैं। जिस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सरकार और समाज का एकजुट रहना जरूरी है, उसी तरह विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी सभी के सम्मिलित प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है। इन प्रयासों के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी प्रदर्शन और उपलब्धियों के ऊंचे शिखरों तक पहुंच रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। वरिष्ठ नागरिकों के प्रति अपनेपन की भावना तथा उनके आत्मसम्मान को बनाए रखने के लिए पूरे समाज को संवेदनशील रहना चाहिए।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सत्य और न्याय के पक्ष में, मानवता विरोधी शक्तियों पर विजय प्राप्त करने की भारतीय परंपरा पर हम गर्व करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत को नक्सल मुक्त बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उत्साह का वातावरण है तथा विकास की सर्वस्पर्शी धारा प्रवाहित हो रही है। बस्तर ओलिंपिक्स में खिलाड़ियों ने, बस्तर पंडुम में कलाकारों ने तथा इन आयोजनों में दर्शकों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र-गौरव की रक्षा हेतु निर्मित मराठा सैन्य परंपरा से जुड़े 12 दुर्गों को पिछले वर्ष यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में स्थान दिया गया। वहीं, इस वर्ष भगवान बुद्ध के प्रथम प्रवचन के स्थल सारनाथ को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि सभी भारतवासियों का विकास और कल्याण ही विकसित भारत के निर्माण का वास्तविक लक्ष्य है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान करते हुए कहा, “आइए, देश प्रेम की इसी सर्व समावेशी भावना के साथ हम सब स्वतंत्र भारत को विकसित भारत बनाने की राष्ट्रीय-साधना में स्वयं को समर्पित करें।”
--आईएएनएस
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