इंडिया ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे समेत चार प्रमुख मांगें रखीं
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और मतदान व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि देश की चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर किया जा रहा है तथा करोड़ों मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा है।
ज्ञापन में विपक्षी दलों ने दावा किया कि विभिन्न राज्यों के विधानसभा और अन्य चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम और मतदाता सूचियों में हेरफेर की गई है तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
इंडिया गठबंधन ने राष्ट्रपति के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वर्ष 2023 के उस कानून को वापस लेने की मांग शामिल है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को आजीवन कानूनी संरक्षण प्रदान करता है। इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को तत्काल रोकने और कथित रूप से हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बहाल करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में सभी चुनावों को दोबारा बैलेट पेपर से कराने की मांग की गई है। साथ ही पिछले दो वर्षों में हुए उन विधानसभा चुनावों को निरस्त करने की मांग भी रखी गई, जिनमें विपक्ष के अनुसार वोट चोरी के निर्णायक प्रमाण मौजूद हैं।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि मतदान का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत प्रतिनिधिक लोकतंत्र की आधारशिला है और चुनाव आयोग इसका संरक्षक है, स्वामी नहीं। ज्ञापन में कहा गया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, सांसद सुप्रिया सुले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी - मार्क्सवादी नेता एमए बेबी, राजद सांसद मनोज कुमार झा, भाकपा महासचिव डी राजा, समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय और वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन थोलकाप्पियन सहित कई प्रमुख नेता शामिल थे।
विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से अपील की कि वह संविधान की संरक्षक के रूप में इस मामले पर संज्ञान लें और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
--आईएएनएस
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