राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लॉन्च किया ‘स्किल द नेशन’ चैलेंज, एआई को बताया युवा भारत के लिए बड़ा अवसर
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन कल्चरल सेंटर में एक विशेष कार्यक्रम में ‘स्किल द नेशन’ चैलेंज लॉन्च किया। यह अभियान युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने वाले स्किल प्रोग्राम्स में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का उद्देश्य रखता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति ने ओडिशा के रायरांगपुर में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के रीजनल सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। यह सेंटर उत्तरी ओडिशा में स्किल आधारित शिक्षा और ट्रेनिंग को मजबूत बनाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कार्यक्रम कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था। यह स्किल इंडिया मिशन के तहत एसओएआर (स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस) पहल का हिस्सा है, जो भारत के वर्कफोर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वाले भविष्य के लिए तैयार करने पर जोर देता है। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में छात्रों और संसद सदस्यों समेत कई लोगों को एआई से जुड़े सर्टिफिकेट भी प्रदान किए।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनियाभर में अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नया रूप दे रहा है। यह सीखने, काम करने और सेवाओं तक पहुंचने के तरीकों को बदल रहा है। भारत जैसे युवा देश के लिए एआई सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि बड़ा अवसर है।
उन्होंने जोर दिया कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा से यही रहा है कि तकनीक लोगों को मजबूत बनाए। सभी को साथ लेकर चले और हर किसी के लिए मौके बढ़ाए। एआई का उपयोग सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी दूरी को कम करने में होना चाहिए। इसके फायदे हर उम्र और पृष्ठभूमि के लोगों तक पहुंचने चाहिए, खासकर हाशिए पर रहने वाले समुदायों तक।
राष्ट्रपति को खुशी हुई कि छात्र खुद को अवसरों से भरे भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि तकनीक, ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज की सेवा, चुनौतियों के समाधान और दूसरों को सशक्त बनाने में करें। उन्होंने उन संसद सदस्यों की तारीफ की जिन्होंने एआई लर्निंग मॉड्यूल पूरा किया। यह सीखकर उन्होंने नेतृत्व का अच्छा उदाहरण पेश किया है।
राष्ट्रपति ने बताया कि एआई भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण ग्रोथ ड्राइवर बन रहा है। आने वाले समय में यह जीडीपी, रोजगार और उत्पादकता में बड़ी भूमिका निभाएगा। डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशल देश के एआई टैलेंट को मजबूत बनाने में अहम होंगे। सरकार संस्थानों, इंडस्ट्री और एकेडेमिया के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि भारत तकनीक को अपनाए और जिम्मेदार भविष्य बनाए।
राष्ट्रपति ने सभी से विकसित भारत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार भारत को ज्ञान महाशक्ति बनाना है और एक तकनीक आधारित, समावेशी तथा समृद्ध देश बनाना है।
--आईएएनएस
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