राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ज्ञानी जैल सिंह को किया याद, अर्पित की पुष्पांजलि
नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की जयंती पर मंगलवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। ज्ञानी जैल सिंह का जीवन देशभक्ति, सादगी और जनसेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जाता है।
राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर कई नेताओं ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा और लोकतंत्र के प्रति उनका समर्पण हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उन्हें याद करते हुए लिखा, "भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्व. ज्ञानी जैल सिंह की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, सादगी और जनसमर्पण का अद्भुत उदाहरण है, जो हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।"
राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। वहीं दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर कहा, "भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। एक स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर जननेता और देश के 7वें राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने सदैव राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और जनकल्याण को सर्वोपरि रखा। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर सर्वोच्च पद तक पहुंचने का उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और सादगी का प्रेरक उदाहरण है। देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा सदैव स्मरणीय रहेगी। उनकी विरासत हमें निरंतर राष्ट्रसेवा के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है।"
ज्ञानी जैल सिंह भारत के सातवें राष्ट्रपति थे और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और सादगी की मिसाल रहा है।
--आईएएनएस
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