राष्ट्रगीत का अपमान करना अच्छी बात नहीं, कांग्रेस को जनता जवाब देगी : रामदास आठवले
रायपुर, 9 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि पार्टी वंदे मारतम के दो छंद गाने पर अड़ी है। जनता सबकुछ देख रही है और इसका सही जवाब उन्हें मिलेगा।
रामदास आठवले का बयान उस वक्त आया है जब जम्मू-कश्मीर में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के छह छंद गाए गए तो सीएम उमर अब्दुल्ला और पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला खड़े रहे।
रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान रामदास आठवले ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि वे बेवजह विरोध कर रहे हैं। राष्ट्रगीत का अपमान करना अच्छी बात नहीं है। जम्मू-कश्मीर में भी पूरा गीत गाया है। लेकिन, हम लोगों ने देखा कि 15 अगस्त के दिन कांग्रेस दफ्तर में भी वंदे मातरम के दो पद गाए गए थे। जनता सबकुछ देख रही है और जनता कांग्रेस को जवाब देगी।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर रामदास आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र में मनोज जरांगे पाटिल मराठा समुदाय के नेता हैं। वे मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं। मराठा समुदाय ओबीसी कैटेगरी में शामिल नहीं है। उनकी मांग है कि मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। मैंने मांग की थी कि मराठा समुदाय के गरीब परिवारों को आरक्षण दिया जाए। अभी भारत सरकार ने 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है, जिससे मराठा समुदाय को फायदा होगा।
इसी बीच, वंदे मातरम गीत के गायन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जम्मू-कश्मीर सरकार की तारीफ की। आईएएनएस से बातचीत में मंत्री ने कहा कि उमर अब्दुल्ला लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए मुख्यमंत्री हैं। लोकतंत्र और संविधान का सम्मान करना हर नागरिक और संवैधानिक पद पर बैठे हर व्यक्ति का मौलिक कर्तव्य है। वंदे मातरम किसी राजनीतिक दल या भाजपा का गीत नहीं है। बल्कि यह देश की आजादी का अमर गीत है। इस गीत के जरिए पूरा देश अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करता है।
'हनुमान अंश' पर मंत्री ने कहा कि मैंने फिल्म तो देखी नहीं है, लेकिन सुना है कि यह बहुत अच्छी है। यह हमारी संस्कृति पर आधारित है, इसलिए फिल्म को टैक्स-फ्री किया जाना चाहिए। मैं लोगों की भावनाएं सीएम तक पहुंचाऊंगा।
भाजपा नेता केदार गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस हमेशा चरमपंथियों के सामने झुकी है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद द्वारा वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाने का प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद, जो खुद को देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कहते हैं, वे ही राष्ट्रीय गीत का अपमान करते हैं। खड़गे से लेकर राहुल गांधी तक, इन सभी ने कहा कि हम केवल दो पंक्तियां गाएंगे। इससे अन्य लोगों को बल मिल जाएगा जो कट्टरपंथी हैं, देश की जनता संविधान का सम्मान करती है और ऐसी पार्टियों को भी सबक सिखाएगी।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोगों को भड़काकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। देश की जीडीपी का प्रतिशत बढ़ रहा है और वे इसका विरोध कर रहे हैं। आंकड़ों के जरिए गुमराह करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। इससे साबित होता है कि वे लोगों को गुमराह करने की राजनीति कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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