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रांची के जगन्नाथपुर मंदिर प्रबंधन पर दो सप्ताह में मसौदा योजना दाखिल करे धार्मिक न्यास बोर्ड: हाई कोर्ट

 

रांची, 7 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड हाई कोर्ट ने मंगलवार को झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड को रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के प्रबंधन के लिए दो सप्ताह के भीतर मसौदा (ड्राफ्ट स्कीम) दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को आगामी रथयात्रा मेला के शांतिपूर्ण और सुचारू आयोजन के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति आनंद सेन की बेंच में मंदिर प्रबंधन से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से बताया गया कि मंदिर के समग्र प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। बोर्ड ने इसके लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई निर्धारित की।

सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता रोहिताश्य राय ने अदालत को बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूर्व में दिए गए निर्देश का अनुपालन करते हुए अब सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। इस पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि आगामी रथ यात्रा मेला के आयोजन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। अदालत ने पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती और सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

जगन्नाथपुर मंदिर के प्रबंधन को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट पहले भी टिप्पणी कर चुका है कि मंदिर के प्रबंधन को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच गंभीर विवाद, दावे और प्रतिदावे चल रहे हैं। एक पक्ष स्वयं को वैध न्यासी बता रहा है, जबकि झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड ने बिहार हिंदू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 29 के तहत अधिसूचना जारी कर पूर्व प्रबंधन समिति को भंग कर दिया है।

23 जून की सुनवाई में अदालत ने कहा था कि लंबे समय से चल रहे इस विवाद का सबसे अधिक नुकसान भगवान जगन्नाथ और मंदिर को हो रहा है। इसी को देखते हुए न्यायालय ने धार्मिक न्यास बोर्ड को मंदिर प्रबंधन की मसौदा योजना तैयार करने का निर्देश दिया था। मंदिर की सुरक्षा का मुद्दा 17 जून की सुनवाई के दौरान उठा था। तब अदालत को बताया गया था कि मंदिर के एक सुरक्षा कर्मी की हत्या की जांच के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अपर्याप्त है।

इसके बाद हाई कोर्ट ने रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक को 24 घंटे पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया था। बाद में अदालत ने केवल निहत्थे पुलिसकर्मियों की तैनाती पर असंतोष जताते हुए कम-से-कम दो सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती का आदेश दिया था।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी