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रांची में बीटेक छात्र की मौत के मामले में नया मोड़, पिता ने हत्या का आरोप लगाकर दर्ज कराई एफआईआर

 

रांची, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। रांची स्थित झारखंड राय यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र मनीष कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में नया मोड़ आया है। छात्र के पिता हुसैनी साव ने बेटे की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए नामकुम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

मनीष का शव बुधवार को नामकुम थाना क्षेत्र के राजाउलातू स्थित डाबर टोली में उसके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला था। हजारीबाग जिले के पेटो गांव निवासी 20 वर्षीय मनीष झारखंड राय यूनिवर्सिटी में बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर का छात्र था। वह विश्वविद्यालय के पास किराये के कमरे में रहता था।

पिता के अनुसार, घटना से एक दिन पहले मंगलवार को परिवार के मोबाइल पर एक व्हाट्सऐप संदेश आया था, जिसमें लिखा था, “मनीष को बचाना है तो बचा लीजिए।” पिता का दावा है कि संदेश भेजने के कुछ देर बाद उसे डिलीट कर दिया गया। प्राथमिकी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे परिवार को फोन कर मनीष की मौत की सूचना दी गई। इसके बाद परिजन उसके कमरे पर पहुंचे।

पिता ने कमरे में बेटे के गले में रस्सी बंधी होने और पास में टूटी हुई टेबल मिलने का उल्लेख करते हुए आशंका जताई है कि उसकी हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई हो सकती है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह कमरे से बदबू आने पर आसपास के किरायेदारों को संदेह हुआ। दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर उसे तोड़ा गया, जिसके बाद मनीष का शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका मिला।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और छात्र का मोबाइल फोन तथा स्मार्टवॉच जब्त कर ली। पुलिस के अनुसार, शव दो-तीन दिन पुराना होने की आशंका है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

बता दें कि रांची में चार दिनों के भीतर इंजीनियरिंग के छात्र की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले रविवार रात भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी), रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार का शव छात्रावास के कमरे में मिला था। उस घटना के बाद विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी