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राम मंदिर चंदा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के कदम का स्वागत, रविदास मेहरोत्रा बोले- सामने आएगी सच्चाई

 

लखनऊ, 20 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक रविदास मेहरोत्रा ने राम मंदिर चंदा विवाद, दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शन, संसद के मानसून सत्र और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों में सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और विपक्ष इन मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा।

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर रविदास मेहरोत्रा ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का स्वागत किया। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "अदालत ने नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि पहले की जांच संतोषजनक नहीं थी। अब यदि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होगी तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की पहचान हो सकेगी।"

उन्होंने कहा कि जांच के बाद यदि तथ्यों का खुलासा होता है तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। इस मामले के बाद प्रदेश सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर सपा विधायक ने कहा कि देशभर के युवा लंबे समय से परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों से परेशान हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिससे कई छात्र घायल हुए। यह सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है।

रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि विपक्षी दलों के कई सांसद भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए थे। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी प्रदर्शन के दौरान मौजूद थीं और उनके साथ भी बल प्रयोग किया गया। सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर जबरन अनशन समाप्त कराने की कोशिश की गई। सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है।"

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही पर टिप्पणी करते हुए रविदास मेहरोत्रा ने कहा, "सदन के भीतर और बाहर हुए विरोध के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। केंद्र सरकार विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। संसद के आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की मांग की जाएगी।"

--आईएएनएस

एससीएच/पीएसके