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राम मंदिर चंदा घोटाले पर मौन हैं सीएम योगी, 2027 में भाजपा की ऐतिहासिक हार होगी: अवधेश प्रसाद

 

लखनऊ, 10 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हनुमानगढ़ी में नमाज, राम मंदिर और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए हालिया बयानों पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रहे हैं और राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी जांच, अखिलेश यादव के 'सनातन ही समाजवाद' है वाले बयान और बसपा प्रमुख मायावती के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज उनके विधानसभा क्षेत्र में गए थे, जहां से वह सात बार विधायक चुने गए और पांच बार मंत्री भी रहे। देशभर में आज जिस मुद्दे की चर्चा हो रही है, वह राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित घोटाले का है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले पर मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान एक शब्द भी नहीं कहा। लोगों के बीच राम मंदिर के चढ़ावे, दान, सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात, नकदी और जमीन से जुड़े सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री दबाव में हैं।

अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने किसानों को खाद की कमी, युवाओं के पेपर लीक, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों जैसे जनसरोकार के मुद्दों पर भी कोई बात नहीं की। धान की रोपाई का समय है और किसानों को खाद नहीं मिल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, महंगाई बढ़ रही है और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों से आम लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार इन विषयों पर मौन है। भाजपा के पास अब कोई नया मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए पुराने विवादों को दोबारा उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2027 के विधानसभा चुनाव और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर चिंतित हैं। अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि 2027 का विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक होगा और भाजपा को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, सरकार की मुश्किलें बढ़ेंगी।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी जांच पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद ने कहा कि उन्हें इस जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी के गठन और उसकी निष्पक्षता पर सवाल हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की जानी चाहिए। अवधेश प्रसाद ने यह भी मांग की कि जांच पूरी होने तक राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए और ट्रस्ट के किसी भी सदस्य को जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की स्थिति में नहीं रहने दिया जाए।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'सनातन ही समाजवाद है' वाले बयान का अवधेश प्रसाद ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अब कोई वास्तविक राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है। अखिलेश यादव जो कह रहे हैं, वह केवल भाषण नहीं बल्कि उनके राजनीतिक आचरण में भी दिखाई देता है। समाजवादी विचारधारा और उसका व्यवहार एक-दूसरे के अनुरूप हैं, जबकि भाजपा का आचरण उसके दावों से अलग है।

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती द्वारा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किए गए हमले पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि मायावती आज स्वतंत्र रूप से नहीं बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि मायावती किसी बाहरी दबाव में काम कर रही हैं और उनके बयान उनकी अपनी अंतरात्मा की आवाज नहीं, बल्कि किसी और के प्रभाव का परिणाम हैं।

--आईएएनएस

पीएसके