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विपक्ष का मकसद हर मुद्दे को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत कर जनता के बीच असंतोष पैदा करना : भाजपा

 

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयानों को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेता रोहन गुप्ता और प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर विभिन्न मुद्दों का राजनीतिकरण करने, भ्रामक बयान देने और राम मंदिर प्रकरण पर अनावश्यक सवाल उठाने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष धार्मिक आस्था के विषयों को राजनीतिक चश्मे से देखता है।

अहमदाबाद में भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अखिलेश यादव को स्वयं यह स्पष्ट नहीं रहता कि उन्हें किस मुद्दे पर क्या कहना है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हर सुबह किसी न किसी विषय का राजनीतिकरण करने का अवसर तलाशते हैं और केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए लगातार बयान देते रहते हैं।

उन्होंने ईरान संकट के दौरान एलपीजी की कथित कमी पर अखिलेश यादव के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अनावश्यक आशंका और भ्रम फैलाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि देश में एलपीजी की कोई कमी न हो और जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हर मुद्दे को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत कर जनता के बीच असंतोष पैदा करना चाहता है, जबकि जनता लगातार इस राजनीति को अस्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि सुधारों को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

राम मंदिर चंदा विवाद पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आने के सवाल पर रोहन गुप्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान राम को केवल राजनीतिक लाभ के नजरिए से देखते हैं, उनके लिए इस प्रकार की चुप्पी कोई आश्चर्य की बात नहीं है। भाजपा के लिए भगवान राम चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का विषय हैं। यदि राम मंदिर से जुड़े किसी मामले में कोई अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ में भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने राम मंदिर में चोरी और एसआईटी जांच को लेकर अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अब सपा अध्यक्ष की वास्तविक सोच सामने आ गई है। पहले चोरी का मुद्दा उठाया गया, लेकिन जब आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और उन्हें जेल भेजा गया, तो अब पूरे ढांचे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अखिलेश यादव का विरोध केवल राजनीतिक कारणों से है और वे लगातार मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। अखिलेश यादव पहले भी सनातन पर सवाल उठाते रहे हैं और आज भी वही राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जैसे ही मामला सामने आया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल का गठन किया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज की गई, विस्तृत जांच हुई और जिन लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिले, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है तो अखिलेश यादव को इतनी बेचैनी और जल्दबाजी क्यों है?

एसआईटी की जांच पर लगातार सवाल उठाने को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को न तो देश की न्यायपालिका पर भरोसा है, न जांच एजेंसियों पर और न ही चुनावी प्रक्रिया पर। समाजवादी पार्टी प्रमुख हर संवैधानिक संस्था पर सवाल खड़े करते हैं और बिना जांच पूरी हुए राजनीतिक बयानबाजी करते हैं। राज्य सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है और अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई भी उसी आधार पर की जाएगी।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम