राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय के समर्थन में उतरा संत समाज, कहा- आरोप सिद्ध होने तक किसी को दोषी न ठहराएं
अयोध्या, 5 जुलाई (आईएएनएस)। अयोध्या में रविवार को आयोजित बैठक में संतों और अयोध्यावासियों ने राम मंदिर निर्माण में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के योगदान की सराहना की और कहा कि जब तक दोष सिद्ध न हो तब तक किसी को दोषी न करार दिया जाए।
कथावाचक और धार्मिक कथावाचक चंद्रांशु महाराज, अयोध्या के साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास, सीताराम मंदिर के महंत सतेंद्र दास वेदांती, साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास जी महाराज अयोध्या राम मंदिर विवाद अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।
अयोध्या के कथावाचक और धार्मिक कथावाचक चंद्रांशु महाराज ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आज की सभा दोषियों को दंड दिलाने और निर्दोष लोगों को बचाने के लिए की गई थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भगवान राम और अयोध्या की गिरती साख को बचाने और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई के लिए की गई। सब संत निर्दोष को बचाने के लिए प्रतिबद्ध होकर आए हैं।
चंपत राय के दोषी होने पर कार्रवाई का समर्थन करते हुए चंद्रांशु महाराज ने राम प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीराम का संकल्प था कि अपनी भुजा धर्म के विपरीत काम करती है तो उस पर कार्रवाई हो। अगर चंपत राय दोष साबित होते हैं तो कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा, "मैं 5 दशकों से चंपत राय को भली-भांति जानता हूं। अयोध्यावासियों ने उनकी जीवनशैली को देखा है, उनके कर्तव्यों को देखते हुए लगता नहीं कि किसी ने इस बात को स्वीकार किया हो। चंपत राय जैसा महापुरुष इस तरह के भ्रष्टाचार नहीं कर सकता। चंपत राय ने खुद कहा है कि अगर आरोप साबित होता है तो वह कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने मीडिया से कहा कि अयोध्या की महिमा और गरिमा पर जिस तरह से प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है। इसी मामले को लेकर संत समाज ने आज बैठक आहूत किया था। एसआईटी मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच कर रही है। इस जांच की मांग करने वाले चंपत राय खुद हैं। अगर वह दोषी होते तो इस प्रकार की जांच की मांग क्यों करते? इस जांच में दोषी पाए जाने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जब तक आरोप सिद्ध न हो किसी की प्रतिष्ठा को धूमिल नहीं किया जाए। चंपत राय ने पांच दशकों में त्याग,तपस्या और समर्पण का अक्षरश: पालन किया है। उनकी संलिप्तता चढ़ावा चोरी मामले में नहीं पाई गई है, इसलिए पूरा संत समाज उनके साथ खड़ा है। आय-व्यय का ब्योरा देने वाले गोविंद देवगिरी जी हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए।
चंपत राय के कार्यों की सराहना करते हुए महंत सीताराम दास ने कहा कि उनके नेतृत्व में ही श्रीराम का भव्य मंदिर बनना संभव हो पाया है। पूरा संत समाज चंपत राय के साथ खड़ा है। एसआईटी जांच के बाद सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। जांच रिपोर्ट आने तक सबको धैर्य रखने की जरूरत है, भ्रामक बयान देने से बचना चाहिए।
--आईएएनएस
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